पटना, 15 दिसंबर, “हिन्दी रंगमंच के लिए लिखे जा रहे नाटकों की संख्या कम है. ऐसे में ‘अपनी कथा कहो..’ के नाटक एक सांस्कृतिक रचनिर्मिता के साथ नाट्य साहित्...
“घर से दूर नया ठिकाना अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर गलियों की खुशबू बटोरकर दुनिया को दिखाने अपना ह...
पटना, 11 दिसंबर, “यह दिव्यांगों का विवाह है सिर्फ इसलिए यह अनोखा नहीं है बल्कि इसलिए भी अनोखा है कि एक ही जगह मंडप में अमीर और गरीब भी बैठेंगे और छोटे-बड़े जात वाले...
(रिपोर्टिंग, प्रीतम कुमार) पटना, 9 दिसंबर, शहर में जैसे ही ठंढ ने दस्तक दी कि हरी-ताज़ी सब्जियां सब्जीमंडी से निकलकर रैंप पर उतर आईं करने ‘वॉक फॉर लाइफ’...