पर्यावरण के संतुलन में मुख्य किरदार ऑक्सीजन का होता है : 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष

हमारे अलावा कई तरह के जीव-जंतु , वनस्पतियां आदि इस पृथ्वी पर निर्भर हैं। पृथ्वी की प्राकृतिक पर्यावर...

महान एक्टर असरानी की आखिरी फ़िल्म “हम अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर हैं” का शानदार ट्रेलर लॉन्च

मुंबई ने एक भावुक, ग्लैमरस और सितारों से सजी शाम देखी, जब महान एक्टर असरानी की आखिरी फ़िल्म मानी जा...

नीट-यूजी परीक्षा नहीं, भविष्य लीक हुआ है

भारत में प्रतियोगी परीक्षाएँ अब केवल करियर का माध्यम नहीं रह गई हैं; वे करोड़ों परिवारों की आकांक्षा...

मध्य प्रदेश में लापता पुलिस इंस्पेक्टर को लेकर ऑनलाइन मचा भारी हंगामा - पता चला यह तो फ़िल्म 'द नर्मदा स्टोरी' के प्रमोशन का स्टंट था

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से रविवार को एक रहस्यमयी वायरल पोस्ट ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी। इस पोस्ट...

महिला संघ बिहार द्वारा पटना में “मदर टैलेंट शो” का हुआ भव्य आयोजन

पटना, मातृ शक्ति के सम्मान एवं महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से महिला संघ बिहार...

मनोज भावुक को जी मीडिया द्वारा मिला ‘भोजपुरी भाषा शिखर सम्मान’

पटना, 8 मई 2026। भोजपुरी भाषा, साहित्य, सिनेमा और मीडिया जगत में अपने बहुआयामी, दीर्घकालिक और ऐतिहास...

बिहारी लोगों को बोली गयी बात मन में चुभ गयी : बिहार कोकिला, पद्मश्री, स्व.विंध्यवासिनी देवी,लोक गायिका

बिहारी लोगों को बोली गयी बात मन में चुभ गयी : बिहार कोकिला, पद्मश्री, स्व.विंध्यवासिनी देवी,लोक गायिका
सन 1948 में जब पटना में ‘आकाशवाणी‘ की शुरुआत हुई, तब से मेरा काम और बढ़ता गया. यूँ कहें कि मैं बिहार केलिए आकाशवाणी की देन हूँ, वही मेरा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्व...
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कुश्ती और फ़िल्में देखने का शौक था : स्व. रामसुंदर दास, भूतपूर्व मुख्यमंत्री, बिहार

कुश्ती और फ़िल्में देखने का शौक था : स्व. रामसुंदर दास, भूतपूर्व मुख्यमंत्री, बिहार
  1941  में कोलकाता के विधासागर कॉलेज से इंटर करने के बाद राजनीति में चला आया और इतना रम गया कि फिर आगे पढाई नहीं कर पाया. लेकिन हाँ, किताबें पढ़ने का शौक अनवरत जारी ...
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तब स्पॉट बॉय ने भी मुझे तंग किया था : के.के.गोस्वामी (हास्य अभिनेता)

वो मेरी पहली शूटिंग By: Rakesh Singh ‘Sonu’ मेरी पहली फिल्म थी भोजपुरी भाषा की ‘रखिह लाज अचरवा के’ जो 1996 में रिलीज हुई थी. इसके निर्देशक थे...
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शूटिंग के दौरान बाल बाल बचा : स्व.प्यारे मोहन सहाय (अभिनेता)

शूटिंग के दौरान बाल बाल बचा : स्व.प्यारे मोहन सहाय (अभिनेता)
जब हम जवां थें By: Rakesh Singh ‘Sonu’       मैं बी.एन.कॉलेज का विद्यार्थी था लेकिन ग्रेजुएशन बीच में ही छोड़ मुझे नौकरी करनी पड़ी.रेलवे मेल सर्व...
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सपना था हॉस्टल में रहना

सपना था हॉस्टल में रहना
गाजीपुर, यू.पी. की काजल सिंह कहती हैं – अपने होम टाउन से पहली बार मैं 2013  में पटना के एक हॉस्टल में आयी.मेरा और मेरे गार्जियन दोनों का सपना था कि मैं पटना वीमेंस...
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