'विश्व रक्तदाता दिवस' पर पटना आईएएस भवन में 190 यूनिट रक्त संग्रहण के साथ सम्पन्न हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन

पटना, 14 जून : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आज आईएएस भवन, पटना के सभागार में आईएएस एसोसिएशन, अन्य...

14 जून, 'विश्व रक्तदान दिवस' पर विशेष : *

यह तो हम सभी जानते हैं, कि रक्तदान से मरीज को जीवनदान मिल जाता है। किन्तु समय पर रक्त या खून न मिले...

12 साल मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर

भारत की राजनीति में वर्ष 2014 एक ऐतिहासिक बदलाव का वर्ष माना जाता है। इसी वर्ष नरेंद्र मोदी के नेतृत...

यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र जारी किया, जिसमें आलिया भट्ट एक हत्यारी (assassin) की भूमिका में हैं

मुंबई, आदित्य चोपड़ा के यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र लॉन्च किया है, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य भू...

पूनम ढिल्लों ने 'सीनियर फैशन पेजेंट इंडिया 2026' के ग्रैंड फिनाले की शोभा बढ़ाई

मुंबई, 10 जून, 2026: 'सीनियर फैशन पेजेंट इंडिया 2026' का ग्रैंड फिनाले मुंबई के बांद्रा स्थित बाल गं...

इंटरनेट पर वायरल हुआ यह 'वाई-फाई वाला लड़का'... एक ही दिन में दो बड़े OTT धमाकों से मचाई धूम

अगर आप पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया रील्स या मीम्स स्क्रॉल कर रहे हैं, तो 'गुल्लक 5' के सीधे-सादे...

मौका (लेखक : राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा     बहुत दिनों बाद एक पुराने मित्र को याद आई मेरी तो वह मिलने चला आया. मैं और वो छत पर टहलने लगें. वह बातें मुझसे कर रहा था मगर नज़र थी पास वाले छत पर जह...
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तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग

तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग
भोजपुर जिले के आरा शहर से ग्रेजुएशन करने के दरम्यान हमारे साथ के कुछ एक लड़के अपने अभिभावकों से कभी कभार कुछ पैसे माँगा लिया करते थे, लेकिन तब हमारे समय में पॉकेटमनी का फै...
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बेजुबां है वो मगर बोलती है पेंटिंग

तारे ज़मीं परBy: Rakesh Singh ‘Sonu’“हर मुश्किल सवाल का जवाब हूँ मैं सुनी अँखियों का ख्वाब हूँ मैं हुनर की बोलती किताब हूँ मैं “– श...
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मेरा कैमरामैन बीच में ही फिल्म छोड़कर भाग गया था : ब्रजभूषण, फिल्म निर्देशक

मेरा कैमरामैन बीच में ही फिल्म छोड़कर भाग गया था : ब्रजभूषण, फिल्म निर्देशक
ग्रेजुएशन उपरांत इंस्टीच्यूट ऑफ़ फिल्म टेक्नोलॉजी मद्रास से 1977 में डिप्लोमा लेने के बाद मैंने अपने ही बैनर ‘चित्राश्रम’ के तहत अपने ही निर्माण -निर्देशन में...
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