आयुष्मान खुराना और गुनीत मोंगा कपूर ने शुरुआत से ही एक-दूसरे के सफर को करीब से देखा है। अब यह अभिनेत...

अनन्या पांडे ने NIF ग्लोबल बांद्रा कैंपस का उद्घाटन किया, क्रिएटिव टैलेंट की अगली पीढ़ी को प्रेरित किया

मुंबई, 8 अक्टूबर, 2026: बॉलीवुड एक्ट्रेस और NIF ग्लोबल की स्टाइल आइकॉन अनन्या पांडे ने मुंबई में नए...

अभिनेत्री श्रेया चौधरी, आयुष्मान खुराना के साथ 'मुपापा' में नज़र आएंगी

अमेज़न प्राइम वीडियो पर 'बंदिश बैंडिट्स' सीज़न 1 और 2 और 'द मेहता बॉयज़' में शानदार एक्टिंग के ज़रिए...

बाढ़ के दर्द के बीच आस्था और उम्मीद की पुकार है ‘बाढ़ में बिहार, छठी मइया खेवनहार’

मुंबई, 7 अक्टूबर 2026। बिहार में बाढ़ की त्रासदी के बीच आम जनजीवन की पीड़ा और आस्था को स्वर देता भोज...

यश चोपड़ा फ़ाउंडेशन ने अपने स्कॉलरशिप प्रोग्राम का दायरा बढ़ाकर 11 स्कॉलर्स को शामिल किया 

यश राज फ़िल्म्स की चैरिटी शाखा, यश चोपड़ा फ़ाउंडेशन (YCF), मशहूर फ़िल्ममेकर यश चोपड़ा के विज़न को आग...

'शिर्डी साईं बाबा फाउंडेशन' के संस्थापक औशिम खेत्रपाल ने 'हनुमान अंश' की टीम को सम्मानित किया

नई दिल्ली, 27 सितंबर, 2026: 'शिर्डी साईं बाबा' के निर्माता, शिर्डी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक और...

मौका (लेखक : राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा     बहुत दिनों बाद एक पुराने मित्र को याद आई मेरी तो वह मिलने चला आया. मैं और वो छत पर टहलने लगें. वह बातें मुझसे कर रहा था मगर नज़र थी पास वाले छत पर जह...
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तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग

तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग
भोजपुर जिले के आरा शहर से ग्रेजुएशन करने के दरम्यान हमारे साथ के कुछ एक लड़के अपने अभिभावकों से कभी कभार कुछ पैसे माँगा लिया करते थे, लेकिन तब हमारे समय में पॉकेटमनी का फै...
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बेजुबां है वो मगर बोलती है पेंटिंग

तारे ज़मीं परBy: Rakesh Singh ‘Sonu’“हर मुश्किल सवाल का जवाब हूँ मैं सुनी अँखियों का ख्वाब हूँ मैं हुनर की बोलती किताब हूँ मैं “– श...
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मेरा कैमरामैन बीच में ही फिल्म छोड़कर भाग गया था : ब्रजभूषण, फिल्म निर्देशक

मेरा कैमरामैन बीच में ही फिल्म छोड़कर भाग गया था : ब्रजभूषण, फिल्म निर्देशक
ग्रेजुएशन उपरांत इंस्टीच्यूट ऑफ़ फिल्म टेक्नोलॉजी मद्रास से 1977 में डिप्लोमा लेने के बाद मैंने अपने ही बैनर ‘चित्राश्रम’ के तहत अपने ही निर्माण -निर्देशन में...
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