यश राज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स की पहली थिएट्रिकल फ़िल्म 'मुपापा' में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में होंगे 

यश राज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स की पहली थिएट्रिकल फ़िल्म 'मुपापा' में आयुष्मान खुराना लीड रोल में...

अर्जुन रामपाल ने मॉरिशस में कंसोल संभाला, अपनी ट्रिप की एक ज़बरदस्त झलक दिखाई

अर्जुन रामपाल, जो हाल ही में 'धुरंधर एंड धुरंधर: द रिवेंज' में ISI मेजर इक़बाल के रोल में दिखे थे, न...

'विश्व रक्तदाता दिवस' पर पटना आईएएस भवन में 190 यूनिट रक्त संग्रहण के साथ सम्पन्न हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन

पटना, 14 जून : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आज आईएएस भवन, पटना के सभागार में आईएएस एसोसिएशन, अन्य...

14 जून, 'विश्व रक्तदान दिवस' पर विशेष : *

यह तो हम सभी जानते हैं, कि रक्तदान से मरीज को जीवनदान मिल जाता है। किन्तु समय पर रक्त या खून न मिले...

12 साल मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर

भारत की राजनीति में वर्ष 2014 एक ऐतिहासिक बदलाव का वर्ष माना जाता है। इसी वर्ष नरेंद्र मोदी के नेतृत...

यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र जारी किया, जिसमें आलिया भट्ट एक हत्यारी (assassin) की भूमिका में हैं

मुंबई, आदित्य चोपड़ा के यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र लॉन्च किया है, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य भू...

सिर्फ अपनी बहन की रक्षा क्यों ?

सिर्फ अपनी बहन की रक्षा क्यों ?
“बंधवा लो राखी, खा लो मिठाई और तोहफे में भइया ये वचन तुम हमें देना, जैसे करते हो मेरी इज्जत वैसे ही गैर लड़कियों को भी रिसपेक्ट तुम देना. तुम्हारे इस तोहफे से देखना...
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पहली बार खुद से अपनी जरुरत का सारा सामान खरीदी थी : रितु तिवारी

पहली बार खुद से अपनी जरुरत का सारा सामान खरीदी थी : रितु तिवारी
“घर से दूर नया ठिकाना  अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन  वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर  गलियों की खुशबू बटोरकर  दुनिया को दिखाने...
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ग्रूमिंग के दौरान नर्वस हो जानेवाली अल्का सिंह ऐसे बनीं ‘स्रिया मिस इण्डिया 2017’ की सेकेण्ड रनरअप

ग्रूमिंग के दौरान नर्वस हो जानेवाली अल्का सिंह ऐसे बनीं 'स्रिया मिस इण्डिया 2017' की सेकेण्ड रनरअप
  उसके पास हुनरवाले पंख थें लेकिन उसे उड़ने के लिए मुकम्मल आसमान नहीं मिल रहा था. लेकिन एक दिन धुंध के बादल छटें तो उसे सफलता का नीला आसमान नज़र आ गया. फिर क्या था वह...
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मैं बिना दहेज़ के एक आईएएस बेटे की बहू बनी थी : डॉ. पूर्णिमा शेखर सिंह, प्रोफेसर एवं एचओडी (ज्योग्राफी डिपार्टमेंट), ए.एन.कॉलेज, पटना

मैं बिना दहेज़ के एक आईएएस बेटे की बहू बनी थी : डॉ. पूर्णिमा शेखर सिंह, प्रोफेसर एवं एचओडी (ज्योग्राफी डिपार्टमेंट), ए.एन.कॉलेज, पटना
मेरा मायका पटना तो ससुराल विद्यापति नगर के पास चमथा गांव में है. ऐसे देखा जाये तो हमारा ससुराल बेगूसराय है लेकिन वो गाँव चार जिलों का बॉर्डर छूता हुआ है. हम 5 भाई-बहन हैं...
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स्कूल बंक करने पर पापा बेल्ट से पिटाई करते थें : लक्ष्मी रतन शुक्ला, युवा एवं खेल मंत्री, प. बंगाल

स्कूल बंक करने पर पापा बेल्ट से पिटाई करते थें : लक्ष्मी रतन शुक्ला, युवा एवं खेल मंत्री, प. बंगाल
मेरा जन्म हावड़ा (प.बंगाल) में हुआ. पिताजी यू.पी. से बिलॉन्ग करते हैं. मेरी खेल-कूद में इतनी व्यस्तता रही कि 10 वीं के बाद नहीं पढ़ पाया. हम साधारण परिवार से थें. हर आदमी क...
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