“हाई हिल सैंडल में देख मुझे राह में लड़के भद्दे कमेंट पास करते हैं फिर भी आजाद हूँ मैं….साढ़े 7 बजते ही हर पांच मिनट में मेरी माँ का कॉल आना शुरू हो जाता...
उसके पैर नहीं हैं, फिर भी वह दौड़ता है. उसकी पढ़ाई अधूरी रह गयी, बावजूद इसके वह बड़ी आसानी से जिंदगी के फलसफे पढ़ लेता है. उसने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखें. उसे कहीं स...
पटना, 29 जुलाई, “सारी दुनिया में इंसानियत ना नंगा हो, कोई फसाद ना करे और ना कभी दंगा हो. तो ऐसी जिंदगी पर नाज है मेरे मौला, मैं जो मर जाऊं कफ़न पे मेरे तिरंगा हो...