यश राज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स की पहली थिएट्रिकल फ़िल्म 'मुपापा' में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में होंगे 

यश राज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स की पहली थिएट्रिकल फ़िल्म 'मुपापा' में आयुष्मान खुराना लीड रोल में...

अर्जुन रामपाल ने मॉरिशस में कंसोल संभाला, अपनी ट्रिप की एक ज़बरदस्त झलक दिखाई

अर्जुन रामपाल, जो हाल ही में 'धुरंधर एंड धुरंधर: द रिवेंज' में ISI मेजर इक़बाल के रोल में दिखे थे, न...

'विश्व रक्तदाता दिवस' पर पटना आईएएस भवन में 190 यूनिट रक्त संग्रहण के साथ सम्पन्न हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन

पटना, 14 जून : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आज आईएएस भवन, पटना के सभागार में आईएएस एसोसिएशन, अन्य...

14 जून, 'विश्व रक्तदान दिवस' पर विशेष : *

यह तो हम सभी जानते हैं, कि रक्तदान से मरीज को जीवनदान मिल जाता है। किन्तु समय पर रक्त या खून न मिले...

12 साल मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर

भारत की राजनीति में वर्ष 2014 एक ऐतिहासिक बदलाव का वर्ष माना जाता है। इसी वर्ष नरेंद्र मोदी के नेतृत...

यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र जारी किया, जिसमें आलिया भट्ट एक हत्यारी (assassin) की भूमिका में हैं

मुंबई, आदित्य चोपड़ा के यश राज फिल्म्स ने 'अल्फा' का टीज़र लॉन्च किया है, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य भू...

बिहार आर्ट थियेटर के 57 वें स्थापना नाट्योत्सव में हुआ ‘बेटी पढ़कर क्या करेगी?’ का मंचन

बिहार आर्ट थियेटर के 57 वें स्थापना नाट्योत्सव में हुआ 'बेटी पढ़कर क्या करेगी?' का मंचन
पटना, 25 जून, गाँधी मैदान स्थित कालिदास रंगालय में बिहार आर्ट थियेटर के 57 वें स्थापना नाट्योत्सव का श्रीगणेश हुआ जो हफ्ते भर चलेगा. दीप प्रज्वलित कर नाट्योत्सव का उद्घाट...
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बच्चियों से एडजस्ट करना सीखा

बच्चियों से एडजस्ट करना सीखा
“घर से दूर नया ठिकाना  अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन  वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर  गलियों की खुशबू बटोरकर  दुनिया को दिखाने अपना ह...
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पहली रात आँखों में कटी

पहली रात आँखों में कटी
पटना के निजी हॉस्टल से बी.सी.ए. कर चुकी खुशबू कहती हैं – मेरा हॉस्टल में आना 2012  में हुआ. मैं वैशाली जिले की रहनेवाली हूँ जहाँ पटना जैसी अच्छी पढ़ाई नहीं होती.मेरा व मेर...
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रूममेट के साथ बातचीत से मन हुआ हल्का

रूममेट के साथ बातचीत से मन हुआ हल्का
बीसीए कर चुकी झाड़खंड,धनबाद की अंकिता कहती हैं – मेरा हॉस्टल में आना 2014  में हुआ. पर उससे पहले मैं अकेली एक मकान में रेंटर थी. वहां पापा-मम्मी अक्सर आते-जाते थे. इसी बीच...
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रूममेट ने मुझे संभाला

रूममेट ने मुझे संभाला
गोपालगंज जिले की ऋषा सिंह कहती हैं – मेरे ख्याल से एक अनजान शहर में नई लड़की के लिए प्राइवेट फ्लैट की जगह हॉस्टल ज्यादा बेहतर होता है क्यूंकि वहां वार्डन के रूप में एक गार...
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