सावन में मनोज भावुक का गीत 'मनवा के हमरा बनारस बना दs', तेजी से हो रहा वायरल

सावन के पावन अवसर पर Bhojpuri IT Cell के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज भगवान शिव और काशी की आध्यात्...

गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय (मॉडल स्कूल), खगौल में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न

पटना। दिनांक 05 अगस्त, 2026 को गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय सह-सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), ख...

यश राज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स की पहली थिएट्रिकल फ़िल्म 'मुपापा' में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में होंगे 

यश राज फिल्म्स और पोशम पा पिक्चर्स की पहली थिएट्रिकल फ़िल्म 'मुपापा' में आयुष्मान खुराना लीड रोल में...

अर्जुन रामपाल ने मॉरिशस में कंसोल संभाला, अपनी ट्रिप की एक ज़बरदस्त झलक दिखाई

अर्जुन रामपाल, जो हाल ही में 'धुरंधर एंड धुरंधर: द रिवेंज' में ISI मेजर इक़बाल के रोल में दिखे थे, न...

'विश्व रक्तदाता दिवस' पर पटना आईएएस भवन में 190 यूनिट रक्त संग्रहण के साथ सम्पन्न हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन

पटना, 14 जून : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आज आईएएस भवन, पटना के सभागार में आईएएस एसोसिएशन, अन्य...

14 जून, 'विश्व रक्तदान दिवस' पर विशेष : *

यह तो हम सभी जानते हैं, कि रक्तदान से मरीज को जीवनदान मिल जाता है। किन्तु समय पर रक्त या खून न मिले...

डॉ. शहनाज फातमी के साहित्यिक परिचर्चा में गूंजा ‘आयाम’ का स्त्री स्वर

डॉ. शहनाज फातमी के साहित्यिक परिचर्चा में गूंजा 'आयाम' का स्त्री स्वर
पटना, 27 अक्टूबर, आई.आई.बी.एम. सभागार में साहित्यिक संस्था “आयाम – साहित्य का स्त्री स्वर” द्वारा हिन्दी और उर्दू की प्रसिद्ध साहित्यकार डा. शहनाज फातमी...
Read more

दूसरों पर आश्रित ना होना पड़े इसलिए दिव्यांग होते हुए भी मैंने घर की दहलीज लाँघी : ऋतु चौबे, फाइनांस एक्जक्यूटिव, कलाहनु ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज,पटना

दूसरों पर आश्रित ना होना पड़े इसलिए दिव्यांग होते हुए भी मैंने घर की दहलीज लाँघी : ऋतु चौबे, फाइनांस एक्जक्यूटिव, कलाहनु ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज,पटना
मेरे मायके में भी लड़कियों को बोझ समझे जाने की मानसिकता चरम पर थी. इतनी कि जब तीसरी बेटी के रूप में मेरा जन्म हुआ मेरे डॉक्टर पिता डिप्रेशन में आकर रो पड़े थें और दादा ने ग...
Read more

तब एहसास हुआ कि पापा मुझे कितना प्यार करते हैं : दिव्या सिंह

तब एहसास हुआ कि पापा मुझे कितना प्यार करते हैं : दिव्या सिंह
“घर से दूर नया ठिकाना  अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन  वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर  गलियों की खुशबू बटोरकर  दुनिया को दिखाने अपना ह...
Read more

मैथिली फिल्मों के लिए ‘अच्छे दिन’ लाने वाली है फिल्म ‘‘प्रेमक बसात’’

मैथिली फिल्मों के लिए 'अच्छे दिन' लाने वाली है फिल्म ‘‘प्रेमक बसात’’
पटना, 15 अक्टूबर, “देश में अच्छे दिन आये कि नहीं, इसका तो ठीक से नहीं पता पर ‘प्रेमक बसात’ आने के बाद मैथिली फिल्मों के अच्छे दिन ज़रुर आ जायेंगे.”...
Read more

पापा के गुजरने के बाद घर का बेटा बनकर जिम्मेदारियां निभानी पड़ीं : सोनी कच्छप, महिला ट्रैफिक कॉन्स्टेबल

पापा के गुजरने के बाद घर का बेटा बनकर जिम्मेदारियां निभानी पड़ीं : सोनी कच्छप, महिला ट्रैफिक कॉन्स्टेबल
मैं रांची, झाड़खंड की रहनेवाली हूँ. बतौर ट्रैफिक कॉन्स्टेबल मेरी ड्यूटी अभी पटना के कोतवाली चौक पर है. हम चार बहने हैं. सबसे बड़ी मैं हूँ. मेरी नौकरी पापा की जगह अनुकम्पा प...
Read more