नीट-यूजी परीक्षा नहीं, भविष्य लीक हुआ है

भारत में प्रतियोगी परीक्षाएँ अब केवल करियर का माध्यम नहीं रह गई हैं; वे करोड़ों परिवारों की आकांक्षा...

मध्य प्रदेश में लापता पुलिस इंस्पेक्टर को लेकर ऑनलाइन मचा भारी हंगामा - पता चला यह तो फ़िल्म 'द नर्मदा स्टोरी' के प्रमोशन का स्टंट था

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से रविवार को एक रहस्यमयी वायरल पोस्ट ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी। इस पोस्ट...

महिला संघ बिहार द्वारा पटना में “मदर टैलेंट शो” का हुआ भव्य आयोजन

पटना, मातृ शक्ति के सम्मान एवं महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से महिला संघ बिहार...

मनोज भावुक को जी मीडिया द्वारा मिला ‘भोजपुरी भाषा शिखर सम्मान’

पटना, 8 मई 2026। भोजपुरी भाषा, साहित्य, सिनेमा और मीडिया जगत में अपने बहुआयामी, दीर्घकालिक और ऐतिहास...

अपने बच्चों संग माताओं ने बढ़ चढ़कर 'मदर्स डे सेलिब्रेशन' में लिया हिस्सा

नयागांव, सारण, 5 मई : इंटरनेशनल स्कॉलर्स स्कूल में मातृ दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। य...

जातिगत असमानता और मुस्लिम मूल्य

मुस्लिम समाज में जातिगत पहचान और असमानता का मुद्दा सदियों से एक जटिल सामाजिक समस्या रहा है, जिसे इस्...

सिर्फ अपनी बहन की रक्षा क्यों ?

सिर्फ अपनी बहन की रक्षा क्यों ?
“बंधवा लो राखी, खा लो मिठाई और तोहफे में भइया ये वचन तुम हमें देना, जैसे करते हो मेरी इज्जत वैसे ही गैर लड़कियों को भी रिसपेक्ट तुम देना. तुम्हारे इस तोहफे से देखना...
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पहली बार खुद से अपनी जरुरत का सारा सामान खरीदी थी : रितु तिवारी

पहली बार खुद से अपनी जरुरत का सारा सामान खरीदी थी : रितु तिवारी
“घर से दूर नया ठिकाना  अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन  वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर  गलियों की खुशबू बटोरकर  दुनिया को दिखाने...
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ग्रूमिंग के दौरान नर्वस हो जानेवाली अल्का सिंह ऐसे बनीं ‘स्रिया मिस इण्डिया 2017’ की सेकेण्ड रनरअप

ग्रूमिंग के दौरान नर्वस हो जानेवाली अल्का सिंह ऐसे बनीं 'स्रिया मिस इण्डिया 2017' की सेकेण्ड रनरअप
  उसके पास हुनरवाले पंख थें लेकिन उसे उड़ने के लिए मुकम्मल आसमान नहीं मिल रहा था. लेकिन एक दिन धुंध के बादल छटें तो उसे सफलता का नीला आसमान नज़र आ गया. फिर क्या था वह...
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मैं बिना दहेज़ के एक आईएएस बेटे की बहू बनी थी : डॉ. पूर्णिमा शेखर सिंह, प्रोफेसर एवं एचओडी (ज्योग्राफी डिपार्टमेंट), ए.एन.कॉलेज, पटना

मैं बिना दहेज़ के एक आईएएस बेटे की बहू बनी थी : डॉ. पूर्णिमा शेखर सिंह, प्रोफेसर एवं एचओडी (ज्योग्राफी डिपार्टमेंट), ए.एन.कॉलेज, पटना
मेरा मायका पटना तो ससुराल विद्यापति नगर के पास चमथा गांव में है. ऐसे देखा जाये तो हमारा ससुराल बेगूसराय है लेकिन वो गाँव चार जिलों का बॉर्डर छूता हुआ है. हम 5 भाई-बहन हैं...
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स्कूल बंक करने पर पापा बेल्ट से पिटाई करते थें : लक्ष्मी रतन शुक्ला, युवा एवं खेल मंत्री, प. बंगाल

स्कूल बंक करने पर पापा बेल्ट से पिटाई करते थें : लक्ष्मी रतन शुक्ला, युवा एवं खेल मंत्री, प. बंगाल
मेरा जन्म हावड़ा (प.बंगाल) में हुआ. पिताजी यू.पी. से बिलॉन्ग करते हैं. मेरी खेल-कूद में इतनी व्यस्तता रही कि 10 वीं के बाद नहीं पढ़ पाया. हम साधारण परिवार से थें. हर आदमी क...
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