घरेलू हिंसा के प्रति महिलाओं को जागरूक करती है पुस्तक 'We Women' 

'सूर्या महिला कोषांग' की स्थापना आज ही के दिन लगभग 19 साल पहले 8 अक्टूबर 2002 को की गयी थी. यह भारत...

सम्पन्न हुई 11वीं बिहार राज्य वुशू मार्शल आर्ट प्रतियोगिता

पटना, 24 से 26 सितंबर तक बिहार वुशू संघ एवं पटना वुशू संघ के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय 11वीं...

गंगा आरती शुरू करने के लिये सरकार के प्रति आभार: प्रभाकर मिश्र, संयोजक, प्र. भाजपा नमामि गंगे

पटना, 2 सितंबर, प्रदेश भाजपा नमामि गंगे के संयोजक प्रभाकर कुमार मिश्र और भाजपा नेता शैलेश महाजन ने र...

सामयिक परिवेश क्लब ने मनाया सावन मिलन समारोह

पटना, 20 अगस्त, सामयिक परिवेश क्लब का सावन-मिलन समारोह हाइड-आउट कैफे में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न ह...

दोहा-क़तर से पटना आकर डिजिटल मार्केटिंग सिखा रहे हैं अंशु दीक्षांत, प्रतिभा पलायन को रोकना है उद्देश्य

पटना, 24 जुलाई 2021, जहाँ प्रतिभाएं बिहार से विदेशों में पलायन कर रहीं हैं, वहीँ बिहार के सिवान जिले...

“शब्दांजली” कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सतीशराज पुष्करणा जी को दी गयी श्रद्धांजलि

पटना, 11 जुलाई, “लघुकथा आंदोलन की शुरुआत करने वाले डॉ. सतीशराज पुष्करणा पटना में मेरे पड़ोसी हुआ करते...

कॉन्फिडेंस नहीं था कि मैं टीवी में आऊं लेकिन मेरे गुरु का मुझपर बहुत भरोसा था : रतन राजपूत,अभिनेत्री

वो संघर्षमय दिन By: Rakesh Singh ‘Sonu’ पटना के मगध महिला से कॉलेज की पढ़ाई पूरी की… पढाई में मन नहीं लगता था.. क्या करना है ये ग्रेजुएशन तक मुझे नह...
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मर्दानगी (लेखक : राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा मोहल्ले में गोलियां चलीं, रातभर दुबके रहें सभी. बचाओ-बचाओ की आवाजें आईं, लोग सुनकर भी अनसुना कर गए. सुबह होते ही सभी पहुंचे उस लुट चुके को सांत्वना देने. ...
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मौका (लेखक : राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा     बहुत दिनों बाद एक पुराने मित्र को याद आई मेरी तो वह मिलने चला आया. मैं और वो छत पर टहलने लगें. वह बातें मुझसे कर रहा था मगर नज़र थी पास वाले छत पर जह...
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तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग

तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग
भोजपुर जिले के आरा शहर से ग्रेजुएशन करने के दरम्यान हमारे साथ के कुछ एक लड़के अपने अभिभावकों से कभी कभार कुछ पैसे माँगा लिया करते थे, लेकिन तब हमारे समय में पॉकेटमनी का फै...
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