“घर से दूर नया ठिकाना अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर गलियों की खुशबू बटोरकर दुनिया को दिखाने अपना ह...
पटना के निजी हॉस्टल से बी.सी.ए. कर चुकी खुशबू कहती हैं – मेरा हॉस्टल में आना 2012 में हुआ. मैं वैशाली जिले की रहनेवाली हूँ जहाँ पटना जैसी अच्छी पढ़ाई नहीं होती.मेरा व मेर...
बीसीए कर चुकी झाड़खंड,धनबाद की अंकिता कहती हैं – मेरा हॉस्टल में आना 2014 में हुआ. पर उससे पहले मैं अकेली एक मकान में रेंटर थी. वहां पापा-मम्मी अक्सर आते-जाते थे. इसी बीच...
गोपालगंज जिले की ऋषा सिंह कहती हैं – मेरे ख्याल से एक अनजान शहर में नई लड़की के लिए प्राइवेट फ्लैट की जगह हॉस्टल ज्यादा बेहतर होता है क्यूंकि वहां वार्डन के रूप में एक गार...
पटना, 22 जून, गाँधी मैदान स्थित रेड क्रॉस सोसायटी में फिर एक बार जमावड़ा हुआ कुछ रक्तवीरों का जो इस जून की कड़क दोपहरी में स्वेक्षा से अपना ब्लड डोनेट करने चले आएं बिना इस...