मेरी पहली भोजपुरी फिल्म थी ‘जीना तेरी गली में’ जिसके डायरेक्टर थे राज कुमार पांडेय. तब तीन लैंग्वेज में एक फिल्म बनी थी गुजराती, नेपाली और भोजपुरी में और मैंन...
पटना के गोलघर के पास बांकीपुर उच्च विधालय के कैम्पस में है ‘हौसलाघर’. एक ऐसा घर जहाँ शहर में जहाँ-तहाँ कचड़ा चुननेवाली सैकड़ों गरीब बच्चियां रहकर पढ़ रही हैं और...
पटना, 25 जून, गाँधी मैदान स्थित कालिदास रंगालय में बिहार आर्ट थियेटर के 57 वें स्थापना नाट्योत्सव का श्रीगणेश हुआ जो हफ्ते भर चलेगा. दीप प्रज्वलित कर नाट्योत्सव का उद्घाट...
“घर से दूर नया ठिकाना अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर गलियों की खुशबू बटोरकर दुनिया को दिखाने अपना ह...
पटना के निजी हॉस्टल से बी.सी.ए. कर चुकी खुशबू कहती हैं – मेरा हॉस्टल में आना 2012 में हुआ. मैं वैशाली जिले की रहनेवाली हूँ जहाँ पटना जैसी अच्छी पढ़ाई नहीं होती.मेरा व मेर...