मेरा जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के छपरा धरमपुर गांव में हुआ. दो-तीन कक्षा तक अपने गांव के स्कूल में पढ़ी. जब मैं 8 साल की थी मेरे पिताजी ने बालिका विधापीठ छात्रावास,लखी...
“नाजुक कंधो पर जिम्मेदारी की गठरी ना डालो अम्मा मुझे पढ़ने दो अभी, बचपन मेरा तुम बचा लो अम्मा..” शायद कुछ ऐसी ही मिन्नतें करते अपने हमउम्र बच्चों को रोते-बिलखत...
दिनांक, 18 मई 2018, पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में कला संस्कृति प्रकोष्ठ के तत्वधान में फिल्म विभाग प्रकोष्ठ द्वारा बालश्रम पर केंद्रित दो शॉर्ट फिल्मों...
वे जब सवारी लिए बिंदास रूप से पटना की सड़कों पर निकलती हैं तो कितनी ही कौतुहल भरी नज़रें उन्हें आज भी निहारा करती हैं. पुरुष तो पुरुष, औरतें भी चौंक जाती हैं. वे पटना शहर क...