उसके पैर नहीं हैं, फिर भी वह दौड़ता है. उसकी पढ़ाई अधूरी रह गयी, बावजूद इसके वह बड़ी आसानी से जिंदगी के फलसफे पढ़ लेता है. उसने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखें. उसे कहीं स...
पटना, 29 जुलाई, “सारी दुनिया में इंसानियत ना नंगा हो, कोई फसाद ना करे और ना कभी दंगा हो. तो ऐसी जिंदगी पर नाज है मेरे मौला, मैं जो मर जाऊं कफ़न पे मेरे तिरंगा हो...
जब वह अपना जॉब छोड़कर आया और अपने मन की करने लगा तो उसके जान-पहचानवालों ने कहा कि वह पागल हो गया है. और उसने भी स्वीकार किया कि “हाँ मैं हूँ पागल… मैं ‘प...