भोजपुरी फिल्म

पटना, 16 जनवरी 2026 - सुयश स्पेक्टिकल प्राइवेट लिमिटेड एंड होंडा एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी भोजपुरी...

कविता - सब कुछ' पाना है मकसद...!

खोज़ते हर कोई किसी न किसी तरह की ख़ुशी, इस बेचैन संसार में मिल जाए सुकून और हँसी। हममें से अधिकांशजन ख...

शिमला में फोटोग्राफी कला में युवा फोटोग्राफर संजय कुमार प्रजापत हुए सम्मानित

मध्यप्रदेश के युवा फोटोग्राफर संजय कुमार प्रजापत ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोह...

विवेकानंद जयंती (युवा दिवस) विशेष - स्वामी विवेकानंद : भारतीय संस्कृति के शिखर और युवाओं के प्रेरणास्रोत

स्वामी विवेकानंद भारतीय संस्कृति के एक ऐसे शिखर हैं, जिनकी चमक आज भी पूरे विश्व को रोशन कर रही है। व...

'नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल (NLF) 2025' : जब हम अपनी बोलियों के साथ पर्दे पर आते हैं तो संवाद नहीं, पूरा जीवन बोलता है - मनोज भावुक 

''जब हम अपनी बोलियों के साथ पर्दे पर आते हैं तो संवाद नहीं, पूरा जीवन बोलता है। 'Words to Screen' की...

गीतकार समीर अनजान ने मुंबई इवेंट में आज़ाद भारत का टाइटल सॉन्ग लॉन्च किया

22 दिसंबर 2025, मुंबई: मशहूर गीतकार समीर अनजान ने मुंबई में आयोजित एक खास सॉन्ग लॉन्च इवेंट में आने...

ख्वाब था वकील बनूँ मगर बन गया पत्रकार : शैलेन्द्र दीक्षित, पूर्व संपादक, दैनिक जागरण, पटना

ख्वाब था वकील बनूँ मगर बन गया पत्रकार : शैलेन्द्र दीक्षित, पूर्व संपादक, दैनिक जागरण, पटना
मेरा जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक छोटे से गांव में हुआ जहाँ ना कोई सड़क थी ना बिजली और ना ही कोई डॉक्टर थें. वो मेरे मामा का गांव था. मेरे पिता रेलवे में थें और...
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21 साले-सालियों के साथ फिल्म देखने जाना गजब ढ़ा गया : बीरेंद्र बरियार ‘ज्योति’, वरिष्ठ पत्रकार एवं चित्रकार

21 साले-सालियों के साथ फिल्म देखने जाना गजब ढ़ा गया : बीरेंद्र बरियार 'ज्योति', वरिष्ठ पत्रकार एवं चित्रकार
1993 में मेरी शादी पटना के कदमकुआं मोहल्ले में रहनेवाली अनुपम राज से हुई. हमारे ससुर जी 5  भाई और 5 बहन थें. पांचों भाई एक ही मकान में साथ रहते थें. मेरी पत्नी के पापा दस...
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कमजोरी को बनाई ताक़त : ममता भारती

कमजोरी को बनाई ताक़त : ममता भारती
मधुबनी पेंटिंग में 2013 -14 में राज्य पुरस्कार जीत चुकीं दानापुर,पटना की ममता भारती को 5 साल की उम्र में ही पोलियो हो गया था. तब इनका पूरा परिवार भागलपुर के रगड़ा गांव में...
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इलाहाबाद से पटना आया तो फिर यहीं पत्रकारिता का होकर रह गया : अवधेश प्रीत, पूर्व सहायक संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, पटना

इलाहाबाद से पटना आया तो फिर यहीं पत्रकारिता का होकर रह गया : अवधेश प्रीत, पूर्व सहायक संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, पटना
जब हम जवां थें  By: Rakesh Singh ‘Sonu’ मैं उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहनेवाला हूँ. प्रारम्भिक शिक्षा गांव में हुई.चूँकि मेरे पिताजी शिक्षक थें तो उनकी जहाँ...
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घरवाले मेडिकल डॉक्टर बनाना चाहते थें मगर मैं बन गया लिटरेचर का डॉक्टर : डॉ. किशोर सिन्हा, सहायक निदेशक, आकाशवाणी,पटना

घरवाले मेडिकल डॉक्टर बनाना चाहते थें मगर मैं बन गया लिटरेचर का डॉक्टर : डॉ. किशोर सिन्हा, सहायक निदेशक, आकाशवाणी,पटना
मेरा जन्म पटनासिटी के दीवान मोहल्ले में हुआ था. स्कूल की प्रारम्भिक शिक्षा वहां के नगर निगम स्कूल से हुई जो घर के बिलकुल पास था. उसके बाद की शिक्षा पटना सिटी के प्राचीनतम...
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