पर्याप्त नींद रात्रि में, हल्की झपकी दोपहर में पर्याप्त है, क्यों ?

नींद का मनुष्य के जीवन में एक महत्वपूर्ण पक्ष है। मनुष्य अपने जीवन का एक तिहाई हिस्सा सोते हुए गुजार...

मुम्बई में बिहार फाउंडेशन द्वारा बिहार भवन की जमीन पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम आयोजित

26 जनवरी 2026, मुम्बई में बिहार भवन की जमीन पर बिहार फाउंडेशन मुंबई द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह का आय...

भोजपुरी फिल्म

पटना, 16 जनवरी 2026 - सुयश स्पेक्टिकल प्राइवेट लिमिटेड एंड होंडा एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी भोजपुरी...

कविता - सब कुछ' पाना है मकसद...!

खोज़ते हर कोई किसी न किसी तरह की ख़ुशी, इस बेचैन संसार में मिल जाए सुकून और हँसी। हममें से अधिकांशजन ख...

शिमला में फोटोग्राफी कला में युवा फोटोग्राफर संजय कुमार प्रजापत हुए सम्मानित

मध्यप्रदेश के युवा फोटोग्राफर संजय कुमार प्रजापत ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोह...

विवेकानंद जयंती (युवा दिवस) विशेष - स्वामी विवेकानंद : भारतीय संस्कृति के शिखर और युवाओं के प्रेरणास्रोत

स्वामी विवेकानंद भारतीय संस्कृति के एक ऐसे शिखर हैं, जिनकी चमक आज भी पूरे विश्व को रोशन कर रही है। व...

पीड़ित-शोषित दिव्यांग महिलाओं की आवाज बन चुकी हैं वैष्णवी

पीड़ित-शोषित दिव्यांग महिलाओं की आवाज बन चुकी हैं वैष्णवी
बिहार के विक्रम प्रखंड के एक छोटे से गांव दतियाना की कुमारी वैष्णवी जो फ़िलहाल पटना के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में रहती हैं, खुद दिव्यांग होते हुए अन्य दूसरे दिव्यांगों के अ...
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गीत-गजल संग्रह की पाण्डुलिपि खो जाने पर बहुत दुःख पहुंचा : डॉ. अनिल सुलभ, अध्यक्ष, बिहार हिंदी साहित्य सम्मलेन

गीत-गजल संग्रह की पाण्डुलिपि खो जाने पर बहुत दुःख पहुंचा : डॉ. अनिल सुलभ, अध्यक्ष, बिहार हिंदी साहित्य सम्मलेन
  मेरा जन्म बिहार के शिवहर जिले के अम्बा गांव में हुआ. प्रारम्भिक शिक्षा गांव में ही हुई और स्कूली दिनों में ही मेरा कहानी, एकांकी नाटक एवं गीत लेखन शुरू हो गया था....
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कल जो ताने मारते थें आज वही मुझसे रिश्ता जोड़ते हैं : सोमा चक्रवर्ती, टी.वी.ऐंकर, रेडियो एनाउंसर, डांसर एवं थियेटर आर्टिस्ट

कल जो ताने मारते थें आज वही मुझसे रिश्ता जोड़ते हैं : सोमा चक्रवर्ती, टी.वी.ऐंकर, रेडियो एनाउंसर, डांसर एवं थियेटर आर्टिस्ट
मैं पटना की ही रहनेवाली हूँ, यहीं मेरा जन्म हुआ. स्टैंडर्ड 3 तक मैं मिश्राज संत जोसफ प्राइमरी स्कूल में पढ़ी. फिर 4 स्टैंडर्ड से मैट्रिक तक मैंने माउंटकार्मल हाई स्कूल से...
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तब विष्णु प्रभाकर को नहीं सुना होता तो आज मैं कुछ और कर रहा होता : हृषीकेश सुलभ, कहानीकार एवं नाटककार

तब विष्णु प्रभाकर को नहीं सुना होता तो आज मैं कुछ और कर रहा होता : हृषीकेश सुलभ, कहानीकार एवं नाटककार
मेरा जन्म बिहार के सिवान जिले के लहेजी गांव में हुआ. प्रारम्भिक शिक्षा गांव में ही हुई. मेरे पिता स्वतंत्रता सेनानी थें जो घर-बार छोड़कर 1947  तक भटकते रहें. आजादी मिलने क...
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अगर फुटपाथ की ज़िन्दगी नहीं जीता तो कार्टूनिस्ट नहीं बन पाता: पवन,कार्टूनिस्ट,दैनिक हिन्दुस्तान,पटना

अगर फुटपाथ की ज़िन्दगी नहीं जीता तो कार्टूनिस्ट नहीं बन पाता: पवन,कार्टूनिस्ट,दैनिक हिन्दुस्तान,पटना
  मेरा गांव ज़द्दोपुर, वैशाली में है और मेरा जन्म हुआ पटना के कंकड़बाग में. सर गणेश दत्त पाटलिपुत्र हाई स्कूल से स्कूलिंग हुई. इंटर और ग्रेजुएशन की पढ़ाई मैंने पटना कॉल...
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