वर्चुअल श्रावणी महोत्सव में बड़े कलाकारों के साथ नवोदित कलाकारों को भी मिला मंच

4 अगस्त, पटना, बिहार प्रदेश भाजपा कला एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ द्वारा 6 जुलाई से आयोजित वर्चुअल श्राव...

रक्षाबंधन विशेष : जिन बहनों के भाई नहीं हैं वे रक्षाबंधन कैसे Celebrate करती हैं❓

3 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन वैसे भाई-बहनों की पीड़ा को समझा जा सकता है जिनकी सगी बहन या जिनके भाई नहीं...

कोरोना वायरस से बचने के 5 अहम टिप्स ज़रूर अपनाएं

https://youtu.be/nYC0pnz3XzI 28 जून, 2020, कोरोना वायरस का सीजन चल रहा है और Lock Down भी खत्म होने...

विभिन्न विधाओं में माहिर 50 से अधिक कलाकार भाजपा कला-संस्कृति प्रकोष्ठ से जुड़े

  (रिपोर्टिंग : प्रीतम कुमार) पटना, 26 जून 2019 को विभिन्न विधाओं में महारथ हासिल बिहार के कई क...

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर पटना में हुआ थैलिसीमिया डे केअर सेंटर का उद्घाटन

पटना, 14 जून, 2020, माँ वैष्णो देवी सेवा समिति द्वारा सहयोगी संस्थाओं के साथ विश्व रक्तदाता दिवस के...

बिहारी लोगों को बोली गयी बात मन में चुभ गयी : बिहार कोकिला, पद्मश्री, स्व.विंध्यवासिनी देवी,लोक गायिका

बिहारी लोगों को बोली गयी बात मन में चुभ गयी : बिहार कोकिला, पद्मश्री, स्व.विंध्यवासिनी देवी,लोक गायिका
सन 1948 में जब पटना में ‘आकाशवाणी‘ की शुरुआत हुई, तब से मेरा काम और बढ़ता गया. यूँ कहें कि मैं बिहार केलिए आकाशवाणी की देन हूँ, वही मेरा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्व...
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कुश्ती और फ़िल्में देखने का शौक था : स्व. रामसुंदर दास, भूतपूर्व मुख्यमंत्री, बिहार

कुश्ती और फ़िल्में देखने का शौक था : स्व. रामसुंदर दास, भूतपूर्व मुख्यमंत्री, बिहार
  1941  में कोलकाता के विधासागर कॉलेज से इंटर करने के बाद राजनीति में चला आया और इतना रम गया कि फिर आगे पढाई नहीं कर पाया. लेकिन हाँ, किताबें पढ़ने का शौक अनवरत जारी ...
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तब स्पॉट बॉय ने भी मुझे तंग किया था : के.के.गोस्वामी (हास्य अभिनेता)

वो मेरी पहली शूटिंग By: Rakesh Singh ‘Sonu’ मेरी पहली फिल्म थी भोजपुरी भाषा की ‘रखिह लाज अचरवा के’ जो 1996 में रिलीज हुई थी. इसके निर्देशक थे...
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शूटिंग के दौरान बाल बाल बचा : स्व.प्यारे मोहन सहाय (अभिनेता)

शूटिंग के दौरान बाल बाल बचा : स्व.प्यारे मोहन सहाय (अभिनेता)
जब हम जवां थें By: Rakesh Singh ‘Sonu’       मैं बी.एन.कॉलेज का विद्यार्थी था लेकिन ग्रेजुएशन बीच में ही छोड़ मुझे नौकरी करनी पड़ी.रेलवे मेल सर्व...
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सपना था हॉस्टल में रहना

सपना था हॉस्टल में रहना
गाजीपुर, यू.पी. की काजल सिंह कहती हैं – अपने होम टाउन से पहली बार मैं 2013  में पटना के एक हॉस्टल में आयी.मेरा और मेरे गार्जियन दोनों का सपना था कि मैं पटना वीमेंस...
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