मेरा मायका पटना से थोड़ी दूर खगौल, दानापुर में है. मेरे पिता जी हाई स्कूल में टीचर थें. तीन बहन एक भाई में सबसे बड़ी मैं ही हूँ. ग्रेजुएशन खगौल महिला कॉलेज से किया. शादी के...
(रिपोर्टिंग, प्रीतम कुमार) पटना, 16 दिसंबर, अमीर से होती है, गरीब से होती है…दूर से होती है, क़रीब से होती है… मगर जहां से होती है मेरे दोस्त शादियां त...
पटना, 15 दिसंबर, “हिन्दी रंगमंच के लिए लिखे जा रहे नाटकों की संख्या कम है. ऐसे में ‘अपनी कथा कहो..’ के नाटक एक सांस्कृतिक रचनिर्मिता के साथ नाट्य साहित्...
“घर से दूर नया ठिकाना अब यही खुशियों का आशियाना, वो दोस्तों के संग हुल्लड़पन वो नटखट सा मेरा बचपन, हाँ अपनी यादें समेटकर गलियों की खुशबू बटोरकर दुनिया को दिखाने अपना ह...