राजनंदिनी पवार बनीं फेमिना मिस इंडिया महाराष्ट्र 2026, होस्ट किया फ्यूचर वर्सिटी एजुकेशन ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस ने

यह शानदार हाई-फ़ैशन फ़िनाले महाराष्ट्र टूरिज़्म के विज़न को बढ़ावा देने के लिए एक नई और दमदार पहल के...

'ना जाने कौन आ गया' का टीज़र आउट, लव स्टोरी नहीं एक लव वॉर : जतिन सरना, मधुरिमा रॉय और प्रणय पचौरी अपनी अब तक की सबसे पैशनेट फिल्म में

मुंबई, एक ऐसे दौर में जहां प्यार को अक्सर पवित्र और खूबसूरत माना जाता है, सीक्रेट गेम फेम जतिन सरना,...

पर्याप्त नींद रात्रि में, हल्की झपकी दोपहर में पर्याप्त है, क्यों ?

नींद का मनुष्य के जीवन में एक महत्वपूर्ण पक्ष है। मनुष्य अपने जीवन का एक तिहाई हिस्सा सोते हुए गुजार...

मुम्बई में बिहार फाउंडेशन द्वारा बिहार भवन की जमीन पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम आयोजित

26 जनवरी 2026, मुम्बई में बिहार भवन की जमीन पर बिहार फाउंडेशन मुंबई द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह का आय...

भोजपुरी फिल्म

पटना, 16 जनवरी 2026 - सुयश स्पेक्टिकल प्राइवेट लिमिटेड एंड होंडा एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी भोजपुरी...

कविता - सब कुछ' पाना है मकसद...!

खोज़ते हर कोई किसी न किसी तरह की ख़ुशी, इस बेचैन संसार में मिल जाए सुकून और हँसी। हममें से अधिकांशजन ख...

फ्रेंडशिप (लेखक: राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा  यह उसका तीसरा बॉयफ्रेंड था. पहनावे व हावभाव से वह भांप गई कि मुर्गा पैसेवाला है. जब लड़के ने बताया कि वह किराये के मकान में रहता है, तो उसे हैरत ना हुई. मगर...
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सबक (लेखक: राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा बस में उसे किसी ने चुटकी काट ली. उसे बुरा लगा. वही हरकत दोबारा हुई.    इस भीड़ में वह किस पर शक करती ?  तीसरी बार वही हुआ. इस बार उसने देख लिया. लड़क...
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और लगाना पड़ा था फर्श पर पोछा : स्व.गिरीश रंजन, फिल्म निर्देशक

जब हम जवां थेंBy: Rakesh Singh ‘Sonu’ बचपन में मुझेसाहित्य से बड़ालगाव था. शरतचंदके साहित्य नेमुझे भावुक बनादिया. नतीजा यहकि तभी सेफिल्में आकर्षित करने लगीं, न...
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बिहारी लोगों को बोली गयी बात मन में चुभ गयी : बिहार कोकिला, पद्मश्री, स्व.विंध्यवासिनी देवी,लोक गायिका

बिहारी लोगों को बोली गयी बात मन में चुभ गयी : बिहार कोकिला, पद्मश्री, स्व.विंध्यवासिनी देवी,लोक गायिका
सन 1948 में जब पटना में ‘आकाशवाणी‘ की शुरुआत हुई, तब से मेरा काम और बढ़ता गया. यूँ कहें कि मैं बिहार केलिए आकाशवाणी की देन हूँ, वही मेरा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्व...
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कुश्ती और फ़िल्में देखने का शौक था : स्व. रामसुंदर दास, भूतपूर्व मुख्यमंत्री, बिहार

कुश्ती और फ़िल्में देखने का शौक था : स्व. रामसुंदर दास, भूतपूर्व मुख्यमंत्री, बिहार
  1941  में कोलकाता के विधासागर कॉलेज से इंटर करने के बाद राजनीति में चला आया और इतना रम गया कि फिर आगे पढाई नहीं कर पाया. लेकिन हाँ, किताबें पढ़ने का शौक अनवरत जारी ...
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