‘वॉक फॉर लाइफ’ से डॉक्टर्स-मॉडल्स ने किया डायबिटीज के प्रति जागरूक

‘वॉक फॉर लाइफ’ से डॉक्टर्स-मॉडल्स ने किया डायबिटीज के प्रति जागरूक

 

हरी-ताज़ी सब्जियों के साथ डायबिटीज अवेयरनेस के लिए ‘वॉक फॉर लाइफ’ करते मॉडल्स

(रिपोर्टिंग, प्रीतम कुमार) पटना, 9 दिसंबर, शहर में जैसे ही ठंढ ने दस्तक दी कि हरी-ताज़ी सब्जियां सब्जीमंडी से निकलकर रैंप पर उतर आईं करने ‘वॉक फॉर लाइफ’. अरे नहीं समझें, कहने का मतलब कि ‘फैटी फूड न खाएं’, ‘करेले और जामुन का सेवन करें’, ‘रोज सुबह-शाम टहले’, ‘तनाव ग्रस्त ना रहें’ यह स्लोगन लिखे टीशर्ट पहने मॉडल जब रैंप पर उतरें तो उनके हाथों में गाजर,मूली,खीरा,कद्दू जैसी हरी-ताज़ी सब्जियां भी ‘वॉक फॉर लाइफ’ का सन्देश देते हुए आमजन को डायबिटीज के प्रति जागरूक कर रही थीं.
मौका था भारतीय नृत्य कला मंदिर सभागार में आस्था फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘वॉक फ़ॉर लाइफ’ डायबिटीज अवेयरनेस प्रोग्राम का जहाँ शहर के नामी-गिरामी डॉक्टर्स के साथ मॉडल्स ने रैंप वॉक कर लोगों को मॉर्निंग वॉक करने की सलाह दी. डायबिटीज़ अवेयरनेस के लिए रैम्प पर उतरनेवाले मॉडल्स थें राहुल राज, दीनू मिश्रा, प्रेम कुमार, अमर, कौशिक, कुणाल, श्रेया, अभिलाषा, ख्वाहिश, रूही सिंह एवं सिमरन.
कार्यक्रम का उद्घाटन शहर के प्रसिद्ध गायनोलॉजिस्ट डॉ. शांति राय एवं फिजीशियन डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने संयुक्त रूप से किया. इसमें शहर के बड़े-बड़े डॉक्टर्स भी शामिल हुए. कार्यक्रम में जहां एक तरफ मॉडलों ने ‘वॉक फ़ॉर लाइफ’ के लिए रैंप पर वॉक किया तो वहीं दूसरी ओर नन्ही बच्चियों के ग्रुप ने नृत्य कर तमाम आए हुए दर्शकों का मन मोह लिया. कार्यक्रम के आयोजक पुरुषोत्तम सिंह ने पहले तो डॉक्टरों को अपनी बात रखने के लिए रैंप पर आमंत्रित किया फिर बाद में वहां मौजूद तमाम फैमिली ऑडियंश को डॉक्टरों एवं मॉडलों के साथ रैंप पर वॉक करवाया. महफ़िल में चार चाँद तब लगा जब तमाम डॉक्टर्स रैंप वॉक करने उतरें यह कहते हुए कि “जीना है तो चलना होगा वॉक फॉर लाइफ”.

 

 

डायबिटीज अवेयरनेस को लेकर मॉडलों के संग डॉक्टर्स भी उतरें रैम्प पर

डॉ. शांति राय ने महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज के बारे में हॉल उपस्थित महिलाओं को विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि “गर्भधारण के तुरंत बाद महिलाओं को हमेशा अपना शुगर चेकअप कराते रहना चाहिए क्योंकि आजकल गर्भवती महिलाएं डायबिटीज का शिकार ज्यादा हो रही हैं.”
डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि “आज के तनावग्रस्त जीवन, खान- पान में परिवर्तन तथा भागदौड़ के जीवन शैली के कारण डायबिटीज के शिकार युवा वर्ग ज्यादा हो रहे हैं. अतः जरूरत है उन्हें इस तरह के आयोजन के द्वारा जागरूक करने की.” उन्होंने आस्था फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे वॉक फ़ॉर लाइफ डायबिटीज जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि “इस कार्यक्रम के द्वारा लाखों लोगों में डायबिटीज के प्रति जागरूकता फैली है.” वहीँ कार्यक्रम में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.सी. झा ने कहा कि “आज डायबिटीज के कारण हृदय रोग की समस्या ज्यादा बढ़ रही है. खासकर युवा वर्ग इस बीमारी से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. अतः उन्हें जागरुक करने का काम आस्था फाउंडेशन कर रही है.” कार्यक्रम में डॉ. शिप्रा राय ने बताया कि “महिलाओं को ज्यादा फैटी फूड, तैलीय पदार्थ नहीं लेना चाहिए क्योंकि इसमें मोटापा बढ़ने की संभावनाएं होती है जो डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण है.”

 

 

 

वॉक फॉर लाइफ’ कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुत करते हुए बच्चे

 

 

 

 

आस्था फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. शिप्रा राय, डॉ. एस. प्रकाश, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. बिन्दा सिंह, डॉ. मनोरंजन, डॉक्टर अभिषेक के आलावा बहुत सारे लोग मौजूद थे. मंच का संचालन पीटर बाबा ने किया.
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए संस्था के सचिव पुरुषोत्तम कुमार सिंह ने ‘बोलो ज़िन्दगी’ को बताया कि “आस्था फाउंडेशन इस तरह का आयोजन लगातार 5 सालों से कर रही है जिसका मकसद है बच्चों-युवाओं को डायबिटीज से बचाना.”

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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