7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष : “अच्छी सेहत और लंबी उम्र के राज को यूँ समझे”

7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष : “अच्छी सेहत और लंबी उम्र के राज को यूँ समझे”

अच्छी सेहत और लंबी उम्र की चाहत सभी व्यक्तियों की होती है,लेकिन बहुत ही कम लोग इन राज को जानते हैं। स्वस्थ रहने के सूत्र है- स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, इसके लिए स्वस्थ रहने के चिकित्सीय व प्राकृतिक नियमों का पालन करें। जो व्यक्ति स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करते हैं, उन्हें बीमार पड़ने की चिंता नहीं रहती है, एवं वे बीमार भी नहीं पड़ते हैं, यदि बीमार हो भी जाते हैं, तो जल्द ही स्वतः ठीक हो जाते हैं। जीवन का सही सदुपयोग करने के लिए स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है । ऐसा कहा भी जाता है कि पहला सुख निरोगी काया। लंबी उम्र का राज आपकी जीवनशैली में ही छिपा हुआ है। जो सही पोषण एवं जीवन शैली पर ध्यान देने से बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है। अच्छी सेहत का आसान फार्मूला है- हल्का भोजन करें, गहरी सांस लें, संयम से जिए, खुशी बढ़ाए व बांटते रहें तथा जो भी काम करें वह दिली रुचि से करें।

शरीर के रोग विकारों पर विश्व में तेजी से अनुसंधान हो रहे हैं। हमारी सेहत बहुत हद तक इस बात पर निर्भर रहती है, कि हम हर दिन कैसा भोजन करते हैं। भोजन में हर प्रकार की खाद्य सामग्री शामिल होनी चाहिए। सेहत दुरुस्त रखने के लिए न केवल मौसमी हरी सब्जियां जरूरी है, बल्कि दूध, दही, घी, मट्ठा, हल्दी ,लहसुन, चुकंदर ,ग्रीन टी, अखरोट, सेब, खट्टे फल आदि इस तरह खानपान में सम्मिलित करने से सेहत अच्छी रहती । साथ ही विभिन्न प्रकार के मोटे अनाज और विभिन्न प्रकार की दालें आदि का सेवन करना भी बहुत जरूरी है।
वर्ष 2023 को इंटरनेशनल मिलेट ईयर घोषित किया गया था। इसीलिए मोटे अनाज (मिलेट) का अभी शासन प्रशासन द्वारा काफी प्रचार प्रसार किया जा रहा है, क्योंकि प्राचीन काल में मोटे अनाजों का प्रयोग सभी घरों में होता रहा है। किंतु वर्तमान में यह परंपरा खत्म हो रही थी।वर्तमान में पिज्जा, बर्गर अर्थात जंकफूड, फास्टफूड, एल्कोहल, सॉफ्ट ड्रिंक्स आदि आज के युवा पीढ़ी की जीवनशैली का हिस्सा बन चुके है। अब पौष्टिक संतुलित आहार लेने से ही हम शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में समर्थ हो सकते हैं।

सुबह का नाश्ता पौष्टिकता से भरपूर होना चाहिए, साथ ही यह कोशिश करें, कि हर दिन का नाश्ता अलग-अलग हो। सुबह का नाश्ता करना कभी नहीं भूले, क्योंकि नाश्ता करने से शरीर को काफी मात्रा में ऊर्जा मिलती है, जो आपको सेहतमंद रखने में मदद करती है। कहा जाता है कि “यदि आप चुस्त और छरहरे बदन को रखना चाहते हैं तो आपको सुबह का नाश्ता एक शहंशाह की तरह करना चाहिए, दोपहर का भोजन एक राजकुमार की तरह करना चाहिए एवं रात्रि का भोजन एक भिखारी की तरह करना चाहिए।” इसके साथ ही सुबह की शुरूवात एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस, दालचीनी के टुकड़े या शहद डालकर पिए। इसके कुछ समय पश्चात एक कप ब्लैक टी या ग्रीन टी या हर्बल टी या काफी आदि लेकर अच्छे से नाश्ता करें।

विदेशी जीवनशैली को देखें तो जापान के ओकिनावा में लोग सबसे लंबा जीवन जीते हैं। वहां 55 की उम्र तक लोगों को बच्चा ही माना जाता है ,जब उम्र 97 की हो जाती है, तो वहां व्यक्ति युवावस्था में प्रवेश करता है, क्योंकि जापान के लोग 3 गुना सब्जियां व 2 गुना फल खाते हैं। इसलिए दुनिया में जापान को सबसे लंबी उम्र वाले देशों में गिना जाता है, वहां के लोग न सिर्फ ज्यादा जीते हैं, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन भी बिताते हैं। इटली के सार्डिनिया क्षेत्र में लोग 100 साल तक जीते हैं, इनके आहार में मोटा अनाज, बीन्स व अपने ही बगीचे की सब्जियां होती है। इनके भोजन में भेड़ के दूध से बना पनीर अवश्य होता है जिसमें ओमेगो- 3 फैटी एसिड उच्च मात्रा में होता है, एवं वाइन का उपयोग यह लोग सीमित मात्रा में ही करते हैं।

कोस्टारिका के निकोया प्रायद्वीप के लोगों के भोजन में बीन्स और मकई जैसे उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ होते हैं। इनका रात का खाना दिन से आधा होता है और नाश्ते में चावल और बीन्स से बना आहार लेते हैं ,तथा दिन भर के सभी कामों के लिए यह पैदल चलना ही पसंद करते हैं। ग्रीस (उत्तरी अमेरिका) के लोग स्वस्थ रहने हेतु नियमित रूप से दोपहर की झपकी लेते हैं। नींद की कमी महत्वपूर्ण हार्मोन संतुलन को बिगाड़ सकती है जिससे वजन बढ़ने, अवसाद और ह्रदय रोग की समस्या उत्पन्न होती है। पर्याप्त नींद से तन मन तरो ताजा रहता है| इन सभी ध्यानाकर्षण बातों के साथ स्वस्थ रहने के लिए विचार भी उत्तम होने चाहिए, क्योंकि विचारों का प्रभाव सीधे हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है, दूषित विचार मन को विकृत करते हैं, जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल व नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

स्वस्थ रहने के जरूरी व आसान नियम :-

भोजन हमेशा भूख लगने पर एवं निश्चित समय पर ही करें। देरी से पचने वाले गरिष्ट पदार्थ और अधिक मिर्ची मसाले का सेवन स्वास्थ्य हेतु हानिकारक है।

स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए भोजन मे वे सारे पोषक तत्व होना चाहिए जो मनुष्य के शरीर के पोषण के लिए आवश्यक है।
भोजन के तुरंत बाद अधिक जल ना पिए व 1 घंटे बाद भरपूर जल पिए। अधिक जल पीने से मोटापा दूर करने में भी सहायता मिलती है।
भोजन में परस्पर विरोधी चीजें जैसे दूध और उड़द की दाल, केला और छाछ एक साथ ना खाएं।
भोजन करते समय हमेशा प्रसन्नचित्त रहना चाहिए। इसके साथ ही शुद्ध वायु में अर्थात खुली हवा में सांस लेनी चाहिए। उत्तम स्वास्थ्य के लिए शुद्ध प्राणवायु हेतु प्रातः काल भ्रमण अति आवश्यक है।
भोजन करने के दौरान खाना खूब चबा चबाकर खाना चाहिए इससे खाना अच्छी तरह पचता है।
दिन में एक बार अलसी, तेल, सोयाबीन आदि से बने खाद्य पदार्थों का सेवन अवश्य करना चाहिए।
रात का भोजन हल्का ही होना चाहिए एवं सोने से कम से कम दो-तीन घंटे पहले भोजन जरूर कर लेना चाहिए।
सूर्य शक्तियों का मूल स्रोत है। सूर्य की किरणों से शरीर के अनेक रोग एवं कीटाणु नष्ट हो जाते हैं एवं सूर्य की उपासना से शरीर निरोगी रहता है।
ज्यादा चाय, कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इनकी अधिकता तनाव को घटाने के बजाय बढ़ाती है। बेड टी लेना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से बचना अति आवश्यक है। यदि आप तंबाकू छोड़ने हैं, तो सिर्फ 20 मिनट के भीतर आपका ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन सामान्य होने लगते हैं। स्मोकिंग करने वालों में फेफड़े कैंसर होने की आशंका 20 मिनट तक बढ़ जाती है।

नियमित शारीरिक व्यायाम करके शरीर के वजन को बढ़ने ना दे।  2 मिल पैदल चलने पर 200 कैलोरी ऊर्जा की खपत हो जाती है। हफ्ते में एक-दो दिन व्यायाम से भी 33 प्रतिशत कम होता है–हार्ट अटैक का खतरा। स्पष्ट है कि डेली वॉक, योग, एक्सरसाइज से मेटाबोलिज्म हेल्थ सही रहती है।
हर सप्ताह में कम से कम 5 बार ड्राई फ्रूट्स अवश्य खाना चाहिए
उत्तम स्वास्थ्य के लिए दिन में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए एवं प्रातः जल्दी स्नान किया जाए तो यह बहुत उत्तम होता है।
एसिडिटी होने पर ठंडा दूध बार-बार लेना चाहिए। एसिडिटी की समस्या में अचार और चाय का सेवन हानिकारक है।
तीन सफेद चीजें नमक, शक्कर एवं मैदे का सेवन न्यूनतम होना चाहिए।

समय-समय पर उम्र के पड़ाव के साथ-साथ नवीन तकनीक पर आधारित शारिरिक जांचे करवाना चाहिए।
स्क्रीन टाइम दिन में 2– 3 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यदि हो सके तो हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूरी से स्क्रीन ब्रेक ले। इससे आंखों की थकान में 50% राहत मिलेगी।

अंत में आज विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हमें अपने सेहत के प्रति जागरूक रहने का आव्हान किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी यही लक्ष्य है, कि हर किसी को प्राथमिक स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य का लाभ मिलता रहे एवं हम खुद भी स्वास्थ्य के प्रति सजग लगे रहे।

  •                                                                 –  डॉ. बी.आर.नलवाया, मंदसौर
                                                                      डॉक्टर सुबोध कुमार, नलवाया

About The Author

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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