सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध “काव्य-कला प्रदर्शनी”

सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध “काव्य-कला प्रदर्शनी”
काव्य-कला प्रदर्शनी का उद्घाटन करते मुख्य अतिथिगण

पटना, 18 जनवरी, ‘जैसे हमने अंग्रेज भगाया वैसे दहेज़ भगाना है…हम सबने यह ठाना है दुष्ट-दहेज़ मिटाना है.’ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ इस अभियान में हाथ मिलाओ…दो कदम साथ चलेंगे आओ अब कारवां बन जाओ…’ कुछ इसी तरह के स्लोगनों के साथ सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध छात्र एवं कलाकार हिमांशु मान्ने द्वारा बनायीं गयी 100 पेंटिंग व कलाकृतियां आटर्स कॉलेज, कला विथिका में काव्य-कला प्रदर्शनी में अवलोकन के लिए सजी हुई थीं.

यह प्रदर्शनी 18 जनवरी से 22 जनवरी 2018 तक आयोजित है.

 

इस प्रदर्शनी और कला विथिका परिसर का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ ही आये हुए मुख्त अतिथियों वरिष्ठ कलाकार प्रो. श्याम शर्मा, एडीजी (लॉ एन्ड आर्डर) आलोक राज, भाजपा कला संस्कृति प्रकोष्ठ के संयोजक वरुण सिंह एवं डीपीएस वर्ल्ड स्कूल की प्रचार्या ममता मेहरोत्रा ने किया.

 

हिमांशु मान्ने वरिष्ठ कलाकार प्रो.श्याम शर्मा और अपने सहभागियों के साथ (ऊपर) एवं काव्य-कला प्रदर्शनी में आये मुख्य अतिथियों के साथ (नीचे)

 

 

इस मौके पर गणमान्य अतिथि और कॉलेज के शिक्षक प्रो. अजय पांडेय, डॉ. रीता शर्मा, डॉ. उमेश कुमार सिंह, प्रो.संगीता ठाकुर आदि मौजूद रहें. आयोजक हिमांशु मान्ने थें और इस आयोजन में अंजलि कुमारी, काजल, मुकेश, अखिलेश, गिरिजा, मोनिका, अंकिता, रितिका, स्वीटी आदि ने अपनी सहभागिता दिखाई.

 

कलाकार हिमांशु मान्ने ने ‘बोलो ज़िन्दगी‘ को बताया कि ‘दहेज़ प्रथा के ऊपर मेरी एक काव्य पुस्तक “दहेज़” भी प्रकाशित हो चुकी है. उसी से सम्बंधित दहेज़ पर मैंने 100 पेंटिंग्स बनायीं है जो जागरूक करते स्लोगनों के साथ यहाँ प्रदर्शित है. इसका उद्देश्य है समाज को एक सन्देश देना, जागरूक करना. जिस तरह बिहार ने देश को दिशा दी है तो उसी तरह मेरी पहल है कि इन कुरीतियों के खिलाफ अगर हम एक कदम बढ़ाएंगे तो 100 कदम खुद-ब-खुद बढ़ जायेंगे.’

 

 

 

 

अवलोकनार्थ आये अतिथियों को पेंटिंग के बारे में बताते हुए हिमांशु मान्ने

 

 

 

 

वहीँ प्रदर्शनी अवलोकन को आये मुख्य अतिथियों ने हिमांशु मान्ने के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की और वरिष्ठ कलाकार प्रो. श्याम शर्मा ने कहा कि ‘हिमांशु में एक खास बात ये है कि वह अच्छी पेंटिंग बनाने के साथ-साथ अच्छा लिखता भी है और ऐसा कम ही कलाकारों में देखने को मिलता है.’

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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