शहर से लेकर गांव-कस्बों की 19 प्रतिभाशाली महिलाओं को मिला ‘सशक्त नारी सम्मान-2018’

शहर से लेकर गांव-कस्बों की 19 प्रतिभाशाली महिलाओं को मिला ‘सशक्त नारी सम्मान-2018’
मुख्य अतिथि श्री रविशंकर प्रसाद को सम्मानित करते सिनेमा इंटरटेनमेंट के निदेशक रंजीत श्रीवास्तव

पटना, 17 फरवरी, श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल, शनिवार की शाम बिहार की बेटियों के नाम रहा. मौका था सिनेमा इंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित तृतीय सशक्त नारी सम्मान समारोह का. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून एवं सूचना प्रधौगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय राज्यमंत्री रामकृपाल यादव, बिहार के स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय, समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा, पटना की मेयर सीता साहू, शास्त्रीय संगीत गायक रजनीश कुमार व बीजेपी कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वरुण कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया. इसके पश्चात अपनी काबिलियत और अपनी मेहनत से खुद को समाज में स्थापित करने, अपने कार्य से अपने राज्य एवं देश का नाम रोशन करनेवाली 19 महिलाओं को सम्मानित किया गया. ये वैसी महिलाएं थीं जिन्होंने अलग-अलग विधाओं यथा कला, साहित्य, पत्रकारिता, व्यवसाय, समाजसेवा, प्रशासनिक, बहादुरी, विज्ञान, आविष्कार आदि में महारथ हासिल की है.  केंद्रीय कानून एवं सूचना प्रौधौगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि बेटियां नहीं बचाओगे तो बहु कहाँ से लाओगे..? आज बेटियां किसी से कम नहीं हैं. घर-गृहस्थी सँभालने के साथ ही फाइटर प्लेन चला रही हैं. देश की रक्षामंत्री और विदेश मंत्री आज महिलाएं ही हैं.’ केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री रामकृपाल यादव ने कहा कि ‘इस तरह के आयोजनों से सराहनीय काम करनेवाली महिलाओं को और भी अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी.’

‘सशक्त नारी सम्मान’ से सम्मानित होती हुईं महिलाएं

 

इस मौके पर उपस्थित सिनेमा एंटरटेनमेंट के निदेशक व कार्यक्रम संयोजक रंजीत श्रीवास्तव ने कहा कि ‘सशक्त नारी सम्मान समारोह सम्पूर्ण नारी समाज को समर्पित है जिन्होंने समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य किया है. हम इस सम्मान के जरिये उनका आभार प्रकट करते हैं एवं उनकी हर कामयाबी को सलाम करते हैं.’

वहीँ बीजेपी कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह ने बताया कि ‘इस कार्यक्रम का उद्देश्य सम्पूर्ण नारी जगत को सकारात्मक सन्देश देना है ताकि वो ऐसे ही उपलब्धियां हासिल कर समाज के लिए प्रेरणाश्रोत बन सकें. 2 साल के सफल आयोजन के बाद हम तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं और जिस तरह से लोगों का प्यार और आशीर्वाद हमें मिल रहा है वैसे ही हम इस आयोजन को हर साल आगे बढ़ाते रहेंगे.’

 

 

इन सम्मानित हुईं महिलाओं की रिपोर्टिंग एवं रिसर्च करनेवाले ‘बोलोजिन्दगी.कॉम’ के एडिटर राकेश सिंह ‘सोनू’ ने कहा कि ‘हमारा उद्देश्य ये नहीं है कि हम सिर्फ गिनी-चुनी और नेम-फेम वाली महिलाओं को ही सम्मानित करें….हम लगातार शहरों के साथ-साथ दूर-दराज के कस्बों-गाओं की वैसी महिलाओं को भी खोजकर लाते रहेंगे जिन्हे हर कोई तो नहीं जानता लेकिन उनका काम इतना सराहनीय है जिसे देखकर यह समाज खुद ही उन्हें सैल्यूट करेगा. इन्हें खोजकर उनतक पहुँचने और उन्हें यहाँ लाने में भी अपना ही एक स्ट्रगल है लेकिन हमें चुनौतियों के साथ-साथ परफेक्शन पसंद है.’

अपनी सुरमयी आवाज का जादू चलाती हुईं लोकगायिका देवी

 

जब मंच पर सम्मानित होने के लिए लोकगायिका देवी आयीं तो दर्शकों की ख़ुशी के लिए उन्होंने एक फोक सॉन्ग पुरवा बयार प्रस्तुत किया….फिर दर्शकों के उत्साह को देखते हुए देवी ने होली गीत कुछ अपने ही अंदाज में गाया. लेकिन उनके फैन उन्हें इतनी जल्दी स्टेज से जाने देने के मूड में नहीं थें, फिर क्या था वंस मोर-वंस मोर की आ रही आवाज को उन्होंने दिल से लिया और फिर देवी ने अपनी नॉन स्टॉप गायिकी से कुछ ऐसा शमा बांधा कि सभागार में बैठे सारे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गएँ.

कार्यक्रम को सफल बनाने में शो डायरेक्टर मनीष चंद्रेश, एडमिनिस्ट्रेटिव हेड अमरजीत कुमार, रिसर्चर राकेश सिंह ‘सोनू’, अक्षत प्रियेश, आराधना, सुनील सिंह, आनंद पाठक, अनंत सिंह, करण सिंह, चंदू आर्यन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

‘सशक्त नारी सम्मान’ से सम्मानित होती हुईं महिलाएं

 

 

 

सम्मानित सभी महिलाओं की सूचि :
1 . रवि रंजना – ब्रेवरी अवार्ड ( सब-इन्स्पेक्टर रवि रंजना ने विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए माँ-बाप का सपना साकार किया और इव-टीजिंग के अगेंस्ट बेहतरीन कार्य किया है.)

2. श्वेता राठौड़ – फिजिक आइकॉन ऑफ़ द ईयर अवार्ड ( स्पोर्ट्स फिजिक में मिस वर्ल्ड और मिस एशिया का ख़िताब जीतने के साथ ही हैट्रिक मिस इण्डिया फिजिक बनने का रिकॉर्ड कायम किया.)

3. पल्ल्वी सिन्हा, अमृता सिंह, डॉ.अर्चना कुमारी – बेस्ट सोशल वर्कर अवार्ड ( इन तीनों दोस्तों की तिकड़ी ने महिलाओं की माहवारी और हाइजीन को लेकर सराहनीय कार्य करते हुए बिहार में पहला सैनिटरी नैपकिन बैंक की स्थापना की और पैड वुमनिया के नाम से मशहूर हुईं.)

4. आकांक्षा आनंद – बेस्ट यंग अचीवर अवार्ड ( इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर आकांक्षा ने ‘नीनो’ नाम से ऐसा रोबोट ईजाद किया है जो स्कूली बच्चों की शिक्षा में कारगर सिद्ध होगा.)

5. रुणकी देवी – बेस्ट हाइजीन इनिशिएटिव अवार्ड (फतुहा की रुणकी देवी ने अपने घर में शौचालय निर्माण के लिए पति द्वारा पैसे ना दिए जाने पर अपना मंगलसूत्र व जेवर बेचकर खुद शौचालय बनवाया.)

6. वैजन्ती देवी- बेस्ट डिजिटल इंडिया आइकॉन अवार्ड (महज चौथी क्लास तक पढ़ी बोध गया कि वैजन्ती देवी ने पहले खुद कम्प्यूटर प्रशिक्षण लिया और अपना सेंटर खोलकर अब दूसरी ग्रामीण महिलाओं को कम्प्यूटर की ट्रेनिंग दे रही हैं.)

7. श्रुति राज वर्मा- बेस्ट परफेक्शनिस्ट अवार्ड (एक महिला होकर जेआरएफ क्वालीफाई करनेवाली पटना की श्रुति तबलावादन के क्षेत्र में पुरुष कलाकारों को चुनौती दे रही हैं.)

‘सशक्त नारी सम्मान’ से सम्मानित होती हुईं महिलाएं

8. कुमारी वैष्णवी- इंस्पिरेशनल लेडी अवार्ड (विकलांग अधिकार मंच की अध्यक्षा कुमारी वैष्णवी खुद दिव्यांग होकर दिव्यांगों के हक़ के लिए लड़ रही हैं. दिव्यांगों का सामूहिक विवाह कराने के साथ-साथ उन्हें तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराती हैं.)

9. अंशु- आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट पर्सन अवार्ड ( वुशू, मार्शल आर्ट की नेशनल प्लेयर अंशु पहले सब्जी बेचा करती थी लेकिन आज वह अपनी लगन व कड़े परिश्रम से राज्य के लिए गोल्ड मैडल जीतकर ला रही है.)
10. देवी- फोक सिंगर कम प्लेबैक सिंगर अवार्ड (कभी बाजार के आगे नहीं झुकनेवाली और शुरू से ही साफ़-सुथरे गीत गानेवाली लोक गायिका देवी ने अपने पूरे करियर में कभी भी अश्लीलता को जगह नहीं दी.)
11. सविता – बेस्ट जर्नलिस्ट अवार्ड (रंगभेद और आर्थिक-सामाजिक परिस्थितियों को झेलते हुए खुद जॉब करके अपनी पढ़ाई पूरी करनेवाली दैनिक हिंदुस्तान की क्राइम रिपोर्टर सविता अपने जुझारू रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं.)
12. सोनम कुमारी – करेजियस लेडी अवार्ड (कुछ लफंगों द्वारा एसिड अटैक की शिकार सोनम आज भी समाज और व्यवस्था से लड़ते हुए पढ़ना चाहती है,आगे बढ़ना चाहती है.)
13. डॉ. शांति जैन- बेस्ट इंडियन लिटरेचर अवार्ड (डॉ. शांति जैन साहित्य के क्षेत्र में बिहार की धरोहर हैं.)
14. पूनम कुमारी- बेस्ट इनिशिएटिव अवार्ड (मुंगेर जिले की पूनम कुमारी जो खुद बाल विवाह और दहेज़ की शिकार हुईं और अब अकेले रहकर अपनी संस्था ‘दिशा विहार’ के माध्यम से दूसरी बच्चियों का भविष्य बचा रही हैं.)
15. इंदू सुमन – ममत्व अवार्ड (अपनी बहन की मौत के बाद इंदू सुमन ने खुद माँ बनकर बहन की एक साल की लगभग अनाथ हो चुकी नन्ही बच्ची अनमोल की परवरिश और शिक्षा-दीक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और शादी तक नहीं की.)
16. किरण – फैमली पिलर अवार्ड (कबाड़ का बिजनेस करनेवाली किरण ने अपने प्रयासों से अपने परिवार को संबलता प्रदान की.)
17. तबस्सुम अली – बेस्ट फाइटिंग स्प्रिट अवार्ड (काफी विपरीत हालातों का सामना करनेवाली बहादुर तबस्सुम अली साइकल से 6 माह में पूरे इण्डिया का सफर तय करके लाखों लड़कियों की प्रेरणाश्रोत बनीं.)

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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