‘पुरोधालय’ के बुजुर्ग सदस्यों ने गाया ‘रंग बरसे भीगे चुनरवाली…’

‘पुरोधालय’ के बुजुर्ग सदस्यों ने गाया ‘रंग बरसे भीगे चुनरवाली…’
होली मिलन समारोह में हास-परिहास करते ‘पुरोधालय’ के बुजुर्ग सदस्य

पटना, 26 फरवरी, नागेश्वर कॉलोनी स्थित बुजुर्गों के क्लब ‘पुरोधालय’ में होली के सुमधुर गीत गूंज रहे थें…बुजुर्ग सदस्यों के फगुआ राग से पूरा माहौल होलीमय हो गया था. होली के आगमन और हर्षोल्लास को लेकर क्लब के बुजुर्ग सदस्यों ने एकजुट होकर होली मिलन समारोह आयोजित किया और कुछ इस अंदाज में होली की खुमारी उनके सर चढ़ी कि जैसे लगा फिर से उनके पुराने दिन, उनकी युवावस्था लौट आयी हो.
हास्य गुरु विश्वनाथ वर्मा ने बीते दिनों की याद को कुछ अपने ही अंदाज में पेश किया कि ‘आज जब बिहार में शराबबंदी है फिर भी मैं अपने ज़माने की बात सुनाता हूँ. किसी ने कहा, वर्मा जी क्या आप भी पीते हैं ? मैंने कहा – मैं पीता था उसने छुड़ा दी अपनी कसम देकर… जब महफ़िल में बैठा तो यारों ने पीला दी उसी की कसम देकर.‘ उसके बाद तो महफ़िल में तालियों के साथ वाह क्या बात है…क्या बात है कि जोरदार आवाज गूंज उठी. वहीँ प्रणय कुमार सिन्हा ने पुरानी हिंदी फिल्म का एक गीत सबों के सामने प्रस्तुत किया ‘एहसान तेरा होगा मुझपर मुझे मोहब्बत करने दो…‘ उसके बाद बजरंग जी ने एक फगुआ लोकगीत सुनाया ‘जब तू जइबू ससुराल पियवा लीहें खबरिया…’ वहीँ कृष्ण कुमार सिंघानिया ने एक हास्य कविता सुनाकर वाहवाही बटोरी ‘सोच में डूबा हुआ है मजनू लैला तूफान कैसे हो गयी…?’ फिर इस मस्ती भरे पल का समापन किया प्रणय कुमार सिन्हा ने ये गीत गाकर ‘रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे….’ और साथी सदस्यों ने उनका उत्साहवर्धन करने के लिए खूब तालियां बजायीं. अमिताभ बच्चन का यह लोकप्रिय होली गीत सुनते ही बाकि के बुजुर्ग सदस्य भी गाने से खुद को रोक ना पाएं और सभी ने एक सुर में इस गीत को गाकर अपने जवां दिनों की याद फिर से हसीं कर ली.

एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते क्लब के सदस्य

मौके पर ‘बोलो ज़िन्दगी’ को क्लब के सक्रीय सदस्य डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि ‘होली तो हर साल आती है, लेकिन इस बार हमलोगों ने होली का जश्न ‘पुरोधालय’ में मनाया. इस होली के जश्न में और अपनी फैमली के बीच की होली के जश्न में काफी अंतर देखने को मिला. यहाँ 60 -70 प्लस के ही ज्यादा लोग हैं और सबलोगों ने अपने-अपने पुराने दिनों के अनुभव को बताया. एक दूसरे से इन्जॉय करते रहें. फिर वही धमाचौकड़ी, फिर वही अबीर-गुलाल लगाना और फिर एक-दूसरे के साथ गले-से-गले मिलना एक अलग ही तरह का उत्साह देखने को मिला. पुराने दिन याद आ गएँ.’

होली मिलन समारोह का आयोजन करनेवाले ‘पुरोधालय’ के सी.ई.ओ. संजय कुमार सिन्हा ने कहा ‘आज की दोपहर पुरोधालय में होली मिलन आयोजित किया गया. इसमें शामिल होनेवाले वरिष्ठ नागरिक सदस्यों ने एक-दूसरे के साथ अपनी पुरानी यादों को ताज़ा किया. हास-परिहास के मौहौल के बीच चुटकुले, शायरी, गीतों के गायन के साथ-साथ एक-दूसरे को अबीर लगाएं. इस आयोजन का मकसद ये था कि आमतौर पर होली के दिन बुजुर्ग घर पर ही रहते हैं, वे बाहर नहीं निकल पाते हैं, अपने दोस्तों से भी नहीं मिल पाते हैं. इसलिए होली के थोड़ा पहले हमने उन्हें एक माहौल उपलब्ध कराया ताकि वो पूरी तरह से होली का लुत्फ़ उठा सकें.’
इस आयोजन में अन्य बुजुर्ग सदस्यों राजकुमार प्रसाद, विजय मेहता, भूदेव चौधरी, गणेश रजक, अमरचंद रस्तोगी और आर.के.स्वामी की भी सहभागिता रही.

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Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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