मनोज भावुक को ‘दुलहिनिया नाच नचावे’ के लिए मिला बेस्ट लिरिसिस्ट अवॉर्ड

मनोज भावुक को ‘दुलहिनिया नाच नचावे’ के लिए मिला बेस्ट लिरिसिस्ट अवॉर्ड

बिहार के सिवान जिले के चर्चित गीतकार मनोज भावुक को 15 मार्च 2026, रविवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित 7 वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स 2026 में बेस्ट लिरिसिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें फिल्म ‘दुलहिनिया नाच नचावे’ के गीतों के लिए दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार इम्पा प्रेजिडेंट अभय सिन्हा द्वारा प्रदान किया गया।

 

अवार्ड मिलने के बाद मनोज भावुक ने भोजपुरी सिनेमा के शुरुआती दौर की चर्चा करते हुए फिल्म के लेखक-निर्देशक-संगीतकार रजनीश मिश्रा और निर्माता निशांत उज्ज्वल का आभार व्यक्त किया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मुझे फिल्मों से बतौर लिरिसिस्ट जोड़ने वाले रजनीश मिश्रा ही हैं।” दरअसल, लिरिसिस्ट मनोज भावुक और म्यूज़िक डायरेक्टर रजनीश मिश्रा की जोड़ी जब भी साथ आई है, यादगार गीत सामने आए हैं। फिल्म ‘मेहंदी लगा के रखना’ का लोकप्रिय गीत “तोर बउरहवा रे माई”, फिल्म ‘मेहमान’ का “मेरे राम” और फिल्म ‘आपन कहाये वाला के बा’ के गीत, …इन सबने भोजपुरी संगीत को नई पहचान दी है।

भोजपुरी जगत में मनोज भावुक की पहचान एक शालीन कवि, ग़ज़लकार, संपादक, फिल्म लिरिसिस्ट और फिल्म इतिहासकार के रूप में है। वे आधुनिक भोजपुरी के उन चुनिंदा रचनाकारों में हैं जिन्होंने बौद्धिक गहराई और लोकप्रियता के बीच संतुलन बनाए रखा है। भोजपुरी सिनेमा की गहरी समझ के कारण उन्हें अक्सर “भोजपुरी सिनेमा का इनसाइक्लोपीडिया” कहा जाता है। उनकी शोधपरक पुस्तक ‘भोजपुरी सिनेमा के संसार’ में 2025 तक के भोजपुरी सिनेमा के इतिहास को समेटा गया है। इसके अलावा ‘चलनी में पानी’ और ‘तस्वीर ज़िंदगी के’ उनकी चर्चित पुस्तकें हैं।

 

मनोज भावुक को भोजपुरी का सांस्कृतिक राजदूत माना जाता है। उन्होंने कभी भी व्यावसायिक लाभ के लिए द्विअर्थी या अश्लील गीत नहीं लिखे और हमेशा स्वच्छ व गरिमापूर्ण भोजपुरी की वकालत की है। ऐसे समय में जब भोजपुरी फिल्म संगीत की भाषा पर अक्सर सवाल उठते हैं, उनके गीत एक सकारात्मक उम्मीद जगाते हैं।

पेशे से इंजीनियर रहे मनोज भावुक ने विदेशों में भी काम किया, लेकिन अंततः अपनी भाषाई और सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट आए। लंदन और अफ्रीका में रहने के अनुभव ने उन्हें एक वैश्विक दृष्टि दी है और वे भोजपुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सम्मानित सांस्कृतिक ब्रांड के रूप में स्थापित करने के प्रयासों में सक्रिय हैं।

वर्तमान में मनोज भावुक महुआ नेटवर्क में प्रोग्रामिंग हेड के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे भोजपुरी के कई प्रमुख चैनलों के अलावा ज़ी टीवी, न्यूज़18, टाइम्स नाउ, एनडीटीवी और सारेगामापा जैसे प्रतिष्ठित मंचों से लेखक और प्रोजेक्ट हेड के रूप में जुड़े रहे हैं।

About The Author

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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