हेल्थ लाइन एवं आस्था फाउंडेशन के सौजन्य से ‘पुरोधालय’ में हुआ डायबटीज के प्रति जागरूकता कार्यक्रम

सिटी हलचल
Reporting : Bolo Zindagi

ऊपर बाएं से पूजा पांडेय(डायटीशियन,पारस हॉस्पिटल),राकेश सिंहसोनू

(‘बोलो ज़िंदगीके एडिटर), डॉ. दिवाकर तेजस्वी एवं अन्य अतिथिगण 

पटना, 22 अक्टूबर, नागेश्वर कॉलोनी स्थित बुजुर्गों की संस्था ‘पुरोधालय‘ में हेल्थ लाइन और आस्था फाउंडेशन के सौजन्य से डायबटीज के प्रति एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहाँ उपस्थित मुख्य अतिथियों डॉ. दिवाकर तेजस्वी, पूजा पांडेय (डायटीशियन, पारस हॉस्पिटल), पूर्व आई.ए.एस. श्री श्याम जी सहाय ने बुजर्गों को डायबटीज से बचाव के उपयोगी टिप्स दिए. हेल्थ परिचर्चा के बाद ‘पुरोधालय’ के संजय जी ने वहां मौजूद बुजुर्गों का शुगर एवं ब्लड प्रेशर टेस्ट किया. आस्था फाउंडेशन ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों एवं बुजुर्ग सदस्यों से ‘पुरोधालय’ कैम्पस में चार कदम चलवाकर ‘वॉक फॉर लाइफ’ का सन्देश दिया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने बुजुर्गों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘देश के करीब 3.5 करोड़ लोग डायबटीज के चपेट में हैं. अनुमानतः यह आंकड़ा 2025 तक सात करोड़ पार कर जायेगा. आधुनिक युग में तनाव, गलत खान-पान, अव्यवस्थित रहन-सहन व शारीरिक परिश्रम ना करने की वजह से डायबटीज तेजी से पांव पसारता जा रहा है. यह बीमारी किसी को भी और किसी भी उम्र में हो सकती है. खसकर बुजुर्गों में यह बीमारी जल्दी असर करती है. इसलिए बुजुर्ग समय-समय पर डायबटीज की जाँच कराते रहें. डायक्टोलॉजिस्ट के संपर्क में रहें. बुजुर्गों से मेरी अपील ये है कि वे खुद इस रोग से बचाव करने के साथ-साथ अपने घर के युवाओं को भी जागरूक करें. क्यूंकि आज मॉर्डन लाइफ स्टाइल और जागरूकता के अभाव की वजह से उनको भी डायबटीज अपनी चपेट में लेता जा रहा है.’

‘पुरोधालय’ में डायबटीज से बचाव टिप्स देते मुख्य अतिथि 

वहीँ पारस हॉस्पिटल की डायटीशियन पूजा पांडेय ने कहा कि ‘खान-पान ऐसा होना चाहिए कि जितना आप फिजिकल वर्क करते हैं वो सब बर्न हो जाये. मीठा के अलावा फैट में घी और तेल से परहेज करना चाहिए. हरी सब्जियों एवं फलों का ज्यादा सेवन करना चाहिए. ट्रेडिशनल खाने में चावल और रोटी आता है लेकिन बड़ी उम्र में चावल कम से कम खाना चाहिए. अगर खाएं भी तो अरवा की बजाये उसना चावल खाएं.’
       कार्यक्रम में उपस्थित हुए वरिष्ठ बुजुर्ग एवं पूर्व आई.ए.एस. श्री शयाम जी सहाय ने युवाओं से अपील की कि ‘आप भी डायबटीज के प्रति जागरूक रहें क्यूंकि ये रोग किसी भी उम्र में हो सकता है. इसलिए मोबाईल और कंप्यूटर युग से कुछ देर के लिए बाहर निकलकर थोड़ा समय अपने स्वास्थ पर दें, शारीरिक श्रम ज्यादा करें और तनाव ग्रस्त ना रहें.’

‘पुरोधालय’ में शुगर व ब्लडप्रेशर जाँच कराते एवं ‘वॉक फॉर लाइफ’ 
के तहत वॉक करते हुए बुजुर्ग एवं अतिथिगण  

इस मौके पर हेल्थलाइन के सचिव एवं ‘पुरोधालय’ के संस्थापक अवधेश कुमार ने ‘बोलो जिंदगी‘ को बताया कि – ‘हमारे जो बुजुर्ग अभिभावक डायबटीज से घिरे हुए हैं उनको इस रोग से बचाने के उद्देश्य से आज यह कार्यक्रम किया गया है. इसके लिए शहर के मशहूर डॉक्टर्स को इस संबंध में हेल्थ टिप्स देने के लिए आमंत्रित किया गया है.’ आस्था फाउंडेशन के सचिव पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि ‘ बुजुर्गों को डायबटीज से होनेवाली परेशानियों के बारे में बताना ज़रूरी है क्यूंकि बहुत सारे बुजुर्ग डायबटीज से पीड़ित हैं.’ अंत में वहीँ संस्था की निदेशक निक्की सिंह ने कहा कि ‘आस्था फाउंडेशन लगातार ‘वॉक फॉर लाइफ’ के माध्यम से लोगों को डायबटीज के प्रति जागरूक कर रहा है, इसी कड़ी में आज बुजुर्गों के बीच यह कार्यक्रम आयोजित किया गया.’  इस हेल्थ कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ रंगकर्मी एवं पूर्व उद्घोषक( सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग) डॉ. अशोक प्रियदर्शी, लाफ्टर गुरु विश्वनाथ वर्मा, ‘पुरोधालय’ कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष श्री रामदेव यादव, रिटायर्ड प्रो.एन.के.मिश्रा एवं प्रणय कुमार सिन्हा का सराहनीय योगदान रहा. 

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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