शर्म से हीरोइन की आँखों से आँखें नहीं मिला पा रहा था : आलोक पाण्डेय , लोक गायक

शर्म से हीरोइन की आँखों से आँखें नहीं मिला पा रहा था : आलोक पाण्डेय , लोक गायक


जब महुआ चैनल के ‘सुर संग्राम’ से मेरी पहचान बनी तो मैंने 2012 में पहला म्यूजिक एलबम किया ‘तू राजा बाबू हउअ’. उस एलबम में 8 गाने थें जिनमे एक-दो गीत मैंने अपने पिता जी के गाये गीतों से लिया था. सभी गाने बहुत क्लास के थें. एलबम में अश्लीलता के बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं क्यूंकि मैं बहुत ही मर्यादित घराने से हूँ और मेरे पिता पं श्री रामेश्वर पाण्डे बहुत बड़े संगीताचार्य हैं. उन्होंने अपने जीवन में संगीत को कभी बेचा नहीं, बाजारीकरण से बहुत दूर रहें. उन्ही की शैली में मैं गाता हूँ. एलबम का टाइटल सांग ‘तू राजा बाबू  हउअ’ जिसे पिता जी 25 वर्षों से गाते आएं जिनको स्व. रामजीवन सिंह बावला जिन्होंने पूरी रामायण भोजपुरी में लिखी थी ने ही इस चर्चित गीत को भी लिखा था. इस गाने की धुन मेरे पिता जी ने बनाई है. एलबम की शूटिंग यू.पी. के विंध्याचल धाम में हो चुकी थी लेकिन एक गाने से हमलोग संतुष्ट नहीं थें. फिर उस गाने को किसी दूसरी हीरोइन को लेकर दुबारा शूट करने का प्लान हुआ क्यूंकि डायरेक्टर को वह हीरोइन कैमरे में मेरे सामने ज्यादा मैच्योर दिख रही थी. तो एलबम के एक रोमांटिक गीत ‘चाँद जइसन रुपवा गजबे लागेलु तू गोरी.’ की फिर से शूटिंग के लिए हमलोग मुंबई चले गए. वहां से प्लान करके एक दूसरी हीरोइन के साथ फिर से शूट करने हम दिल्ली गए. शूट हो भी गया लेकिन संयोग देखिए कि एडिटिंग टेबल पर किसी को भी उस दूसरी हीरोइन के साथ मेरी जोड़ी जम नहीं रही थी. फिर डायरेक्टर साहब बोले कि ‘यार क्या किया जाये, इस गाने को कैसे शूट किया जाये. कहाँ से और किस हीरोइन को लाया जाये जो फिट बैठे.’  तो फिर दिल्लीवाला शूट भी कैंसल करके फाइनली एक बड़ी हीरोइन को लेकर एक कमरे में क्रोमा शूट हुआ. हमारे इस म्यूजिक वीडियो एलबम के डायरेक्टर हैं भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर डांस डायरेक्टर कानू मुखर्जी. तो कानू मुखर्जी ने ही भोजपुरी फिल्म की चर्चित हीरोइन तनु श्री से बात किया और कहा – ‘तुम्हारे अपोजिट एक नया लड़का है आलोक जो बिहार के सिवान का रहनेवाला है और जो महुआ चैनल के ‘सुर संग्राम’ में हिस्सा लेकर उप विजेता बना है. लेकिन मैं चाहूंगा कि तुम एक बार गाना सुन लो.’ फिर गाना सुनने के तुरंत बाद ही तनु श्री ने हाँ कर दिया. तब तनु श्री हीरोइन तो नयी थीं लेकिन दो-तीन फिल्में हिट हो जाने की वजह से उनकी पहचान बन चुकी थी.

‘बोलो ज़िन्दगी’ के लिए अपना संस्मरण बयां करते आलोक पांडेय

यू.पी. और दिल्ली के लोकेशन छोड़कर फाइनली ‘चाँद जइसन रुपवा..’ गाने की शूटिंग मुंबई में कानू दादा के घर में हुई. उनके फ्लैट के हॉल में क्रोमा लगाकर बस चार कदम में गाने की शूटिंग संम्पन्न हुई. तनु श्री ने उस गाने में बहुत बेहतरीन नृत्य एवं अभिनय किया और उनके चेहरे के एक्सप्रेशन का तो मैं कायल हो गया था. टी- सीरीज से एलबम रिलीज हुआ जो बहुत पसंद किया गया. शूटिंग के वक़्त मैं नर्वस हो जा रहा था क्यूंकि मैं सिंगर हूँ और इससे पहले कभी एक्टिंग नहीं किया था. आज जब सोचता हूँ तो हैरान हो जाता हूँ कि तब तनु श्री ने चार कदम की दूरी में ही मुझसे रोमांटिक सीन करवा लिया था. सीन में उनके हाथों को चूमना, चेहरे से जुल्फों को हटाना, एक-दूसरे के करीब आकर एक-दूसरे की आँखों में देखना ये सब मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण था. पहले तो मैं उनकी आँखों में देख ही नहीं पा रहा था. डायरेक्टर ने कहा कि आप आँखों में देखिये और मैं देखते ही जल्दी आँखें झुका लेता था.

जबकि तनु श्री एकटक से देखते ही रह जाती थीं. मेरी तरफ से कई बार रीटेक देने के बाद तनु ने मुझसे कहा- ‘ नर्वस क्यों हो रहे हैं, आप एकदम बेफिक्र होकर हमारे साथ काम कीजिये. कोई संकोच नहीं, हमलोग आर्टिस्ट हैं, अच्छे से काम करना है. ये नहीं सोचिये कि मैं आप से सीनियर हूँ और आप नए हैं.’  उनकी बातों से मेरी झिझक कुछ कम हुई और फिर अच्छे से मेरे पहले एलबम की शूटिंग कम्प्लीट हो गयी.

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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