एडीजी, बिहार, श्री आलोक राज के भजन संध्या सह ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए वर्कशॉप का आयोजन

सिटी हलचल
Reporting : Bolo Zindagi 

  
वर्कशॉप में बाएं से ‘दोस्ताना सफर’ की रेशमा प्रसाद, एडीजी, बिहार
(लॉ एन्ड ऑर्डर) श्री आलोक राज एवं ‘बोलो ज़िंदगी’ के एडिटर राकेश सिंह ‘सोनू’ 

पटना, 24 सितंबर, भारतीय नृत्य कला मंदिर के बहुद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में वोलन्टरी हेल्थ सर्विसेज, दोस्ताना सफर और बिहार पुलिस के सयुंक्त तत्वाधान में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए वर्कशॉप आयोजित किया गया. यह सफल कार्यशाला आई. पी. एस. आलोक राज एडीजी, बिहार सरकार के भजन संध्या कार्यक्रम के साथ समाप्त हुई. बिहार के ए. डी. जी. (लॉ एन्ड ऑर्डर) श्री आलोक राज द्वारा वर्कशॉप के उद्घाटन के साथ दोस्ताना सफर की रेशमा प्रसाद के स्वागत भाषण से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. श्री आलोक राज ने अपने सम्बोधन में कहा कि ’15  अप्रैल, 2014 एक यादगार दिन था जब सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर यह निर्णय दिया कि ट्रांसजेंडर भारत के नागरिक हैं और इनके लिए भी ह्यूमन राइट्स और लीगल राइट्स हैं. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सराहनीय है क्यूंकि यह वर्ग सदियों से उपेक्षित रहा है. इसकी आजीविका का संतोषजनक साधन नहीं होने के कारण ये समाज स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है. और कोई वर्ग जब तक स्वस्थ नहीं होगा तब तक वह अपने अधिकारों एवं सुविधाओं का उपभोग भी नहीं कर पायेगा. सिर्फ क़ानूनी अधिकार देने भर से समाज की धारणाएं नहीं बदलतीं. समाज की धारणाएं तब बदलेंगी जब समाज इस समुदाय को स्वेक्षा से अधिकार देगा, पहचान देगा. ये सच है कि आज भी लोग इन्हें अच्छी नज़र से नहीं देखते हैं. तो इसी सोच पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ये भी आपकी तरह इंसान हैं. तो इनके प्रति जो समाज की आम धारणा है उसे बदलने की आवश्यकता है. और इन्ही बिंदुओं के तहत आज हम दोस्ताना सफर, वोलन्टरी हेल्थ सर्विसेज चेन्नई और बिहार पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में इस वर्कशॉप का आयोजन कर रहे हैं. हमारी पुलिस को भी यह समझने की आवश्यकता है कि इस किन्नर समाज की क्या परेशानियां है, क्या मजबूरियां हैं ?’ वहीँ ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के वकील विकास कुमार पंकज ने ट्रांसजेंडर समुदाय को कानून के तहत मिले विभिन्न अधिकारों पर प्रकाश डाला. मौके पर वोलन्टरी हेल्थ सर्विसेज के गिरीश कुमार, पुलिस विभाग के विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी जन के अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय से डिम्पल,जैस्मिन, संतोषी, सुमन, मित्रा, सोना एवं अन्य लोग मौजूद थें.
   

अपनी संगीत टीम के साथ भजन गाते हुए बिहार के एडीजी श्री आलोक कुमार 

वर्कशॉप के बाद भजन संध्या की प्रस्तुति हुई. उसके पहले भाजपा कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री वरुण सिंह ने श्री अलोक राज एवं उनके संगीत गुरु श्री अशोक प्रसाद जी को शॉल भेंट करके सम्मानित किया. बिहार के एडीजी एवं गायक श्री अलोक राज जी ने भजन संध्या की शुरुआत गणेश वंदना से की. फिर जगजीत सिंह के गाये दो भजन अपनी आवाज में पेश किये, एक देवी गीत और दूसरा गीत हे राम…तू ही माता तू ही पिता है. उसके बाद हाल ही में टी-सीरीज से आये खुद के एलबम साईं अर्चना से कुछ भजन प्रस्तुत किये. और भजन संध्या का समापन किया हरी ओम शरण जी के देवी गीत से. 

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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