"चमकता हूँ, गरजता हूँ, हाँ जोरों से बरसता हूँ मैं.. तेरी फिक्र और चाहत लिए खुद भी भींगता हूँ मैं.. ज़ज़्बात ...
"चमकता हूँ, गरजता हूँ, हाँ जोरों से बरसता हूँ मैं.. तेरी फिक्र और चाहत लिए खुद भी भींगता हूँ मैं.. ज़ज़्बात छलकते नहीं फिर भी तुझसे प्यार करता हूँ मैं. तू मेरा स्वाभिमान है बेटी, हाँ तेरा पिता हूँ मैं." ...
https://www.youtube.com/watch?v=A-CmCHch1f8 पटना, "दीवाना मुझको लोग कहें, मैं समझूँ जग है दीवाना. ...
https://www.youtube.com/watch?v=A-CmCHch1f8 पटना, "दीवाना मुझको लोग कहें, मैं समझूँ जग है दीवाना..." यह गीत गा रहे थें दादा जी के उम्र के बुजुर्ग और तालियां बजाकर उनकी हौसलाअफजाई कर रही थी नयी ...