20 मार्च, ‘वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे’ पर विशेष – खराब दाँत और मसूड़े से “ओरल हेल्थ” में गंभीर बीमारी की संभावना है

20 मार्च, ‘वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे’ पर विशेष – खराब दाँत और मसूड़े से “ओरल हेल्थ” में गंभीर बीमारी की संभावना है
– डॉ. बी.आर. नलवाय , पूर्व
विभागाध्यक्ष, वाणिज्य शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंदसौर (म.प्र.)

भारत की 80 प्रतिशत आबादी दन्त रोगों से परेशान है। दन्त समस्या प्रत्येक देश में होती रही है। हर क्षेत्र में चाहे शहरी हो या ग्रामीण खाद्य पदार्थो का प्रचलन बढ़ने से मुख की अस्वच्छता, पान, सुपारी, तंबाकू की आदतें मसूड़ों के लिए चिंताजनक स्थिति पैदा कर रही है। मुख की दुर्गंध आधुनिक, सभ्य और सुसंस्कृत समाज की सबसे बडी़ सामाजिक विसंगति है। इस मुख दुर्गन्ध के बदलौत, दांपत्य रिश्तों की गहराईया में दूरियों होती रही है तथा देखी गई, यहाँ तक की शारीरिक संबंध विच्छेद के बाद तलाक तक की नौबत आ जाती।

आपका व्यक्तित्व सुरीला, सौम्य और आप की वाणी तथा प्रस्तुति के लोग कायल हैं, लेकिन मुहं की बदबू की एक विसंगति सारे व्यक्तित्व को आहत कर देती है। कई बार आफिस में सहकर्मी शिष्टाचारवश कुछ कह नहीं सकते, परन्तु वे धीरे-धीरे आप से कतराते रहते हैं, यहाँ तक आपसी तालमेल कम कर लेते हैं।

अनेक शोध यह साबित कर चुके हैं, कि ओरल हाइजीन की अनदेखी मुश्किल में डाल सकती है। दांत व मुंह को साफ और स्वस्थ रखना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। खराब ओरल हेल्थ-हृदय से लेकर पाचन तंत्र, व श्वसनतंत्र तथा अन्य अंगों तक बुरा प्रभाव डाल सकती है। हमारे मुंह में 300 से भी अधिक प्रकार के बैक्टीरिया लाखों की संख्या में होते हैं। इनमें से कुछ “ओरल हेल्थ” को बिगाड़ते है। मुंह की सेहत के लिए बैक्टीरिया नुकसान पहुंचाते हैं ,तो कुछ फायदे मे भी होते हैं। मुंह में बैक्टीरिया का संतुलित स्तर कई बीमारियों से बचाव में भी समर्थ होते हैं। ज्यादातर गंभीर बीमारियाँ अचानक नहीं होती, बल्कि छोटे- छोटे संकेतों से शुरू होती हैं। कई बार शुरुआती संकेत सबसे पहले मुंह के अन्दर दिखाई देते हैं, लेकिन इन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम 2020 की रिपोर्ट के अनुसार 95 प्रतिशत भारतीय युवा मसूड़े की समस्या से परेशान हैं। WHO के अनुसार दुनिया में लगभग 350 करोड़ लोग मुंह से संबंधित छोटी-बड़ी बीमारी से ग्रस्त हैं। इनके प्रति जागरूकता नहीं है।

हर साल 20 मार्च ,को मनाया जाने वाला एक प्रमुख वैश्विक जागरूकता अभियान है “वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे”। FDI के अनुसार इसका उद्देश्य मुंह स्वच्छता, दन्त रोगों की रोकथाम और अच्छी मौखिक देखभाल के महत्व के बारे में शिक्षित करना है। यहाँ प्रत्येक व्यक्ति को समझना कि एक स्वस्थ मुंह का मतलब ‘एक स्वस्थ मनऔर शरीर’ भी है, जो समग्र जीवन की गुणवता में सुधार लाता है।

दन्त व मसूड़ों में यह देखना कि दान्तो में ढीलाई नहीं होने, मसूड़ों में बार-बार खून न आवे, मुँह में बार बार छाले या फफोले न हो, मुंह के अंदर सफेद या लाल दाग या पैच दिखाई न देवे। इस तरह असामान्य बदलाव लम्बे समय तक दिखाई दे , तो दन्त रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
मुँह से दुर्गध या बदबू के कई कारण होते हैं। शराब, सिगरेट व तंबाकू आदि खाने वाले मुंह में बदबू हमेशा बनी रहती है। दांतों के साफ-सफाई की अनियमितता, मुंह के छाले की वजह बैक्टीरिया के बढ़ने से भी मुंह में बद‌बू आती है। लहसुन व प्याज से सल्फ्यूरस गैस निकलने से भी सांस में बदूब पैदा होती है।

मुंह की बदबू का बचाव व उपचार बहुत आवश्यक है। इसके लिए वर्ष में दो बार दन्त चिकित्सक से मुंह की जाँच करानी चाहिए। तंबाकू व गुटखा , सिगरेट, शराब से बचें। आलपिन या अन्य किसी मेटल से दांतों के बीच फंसे अन्न कणों को नहीं निकालें, टिटनेस बीमारी के साथ पायरिया होने की आशंका रहती हैं। अतः दांतों को खरूचने के लिए इसका उपयोग बिलकुल न करें । संतुलित और पौष्टिक आहार लेवे । प्रतिदिन सुबह-शाम सही तरीके से दाँत साफ करें। मौखिक देखभाल केवल दातों की सफाई नहीं, बल्कि समग्र शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

यदि किसी तरह की दांतों व मसूड़े में तकलीफ नहीं है, तो ओरल हेल्थ मोटे तौर पर ठीक है, लेकिन मसूड़ों में से यदि खून बहता है, दुर्गंध आती है, दांतों में सेंसेटिविटी और दर्द है, तो ये सब ओरल हेल्थ खराब होने के संकेतों की संभावना है।

About The Author

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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