‘टेस्‍ट ऑफ इंडिया’ फूड फेस्टिवल में लीजिये एक साथ देश के विभिन्‍न राज्‍यों के जायके का मजा

https://www.youtube.com/watch?v=t_0hnODf-hs   पटना, 12 अक्‍टूबर, अगर आपको पटना में बैठे-बैठे है...

बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक : ‘बीइंग हेल्पर’ के फाउंडर शुभम कुमार ‘सन्नी’, राजीवनगर, पटना

पिछले हफ्ते 'बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक' के तहत बोलो ज़िन्दगी की टीम (राकेश सिंह 'सोनू', प्रीतम कुमा...

बड़े परदे पर दिखेगी बिहार में क्रिकेट के पीछे की राजनीति

https://www.youtube.com/watch?v=NQnDQ75Y6sg (रिपोर्टिंग : प्रीतम कुमार, स्टोरी : राकेश सिंह 'सोनू' )...

ये बनकर आएं पटना के रियल हीरो

पटना, जब लगातार हुई भारी बारिश और ड्रेनेज सिस्टम के ध्वस्त होने से पटना पानी-पानी हो गया, कई मोहल्ले...

पानी-पानी हुए पटना में आम आदमी से लेकर वीवीआईपी भी हैं भुक्तभोगी

https://www.youtube.com/watch?v=V9TmS_V4zr8 पटना, 30 सितंबर, लगातार भारी वर्षा के बाद जब बोलो ज़िन्दग...

बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक : डांस टीचर नवीन की फैमिली, खगौल, पटना 

21 सितंबर, शनिवार की शाम 'बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक' के तहत बोलो ज़िन्दगी की टीम (राकेश सिंह 'सोनू'...

कॉन्फिडेंस नहीं था कि मैं टीवी में आऊं लेकिन मेरे गुरु का मुझपर बहुत भरोसा था : रतन राजपूत,अभिनेत्री

वो संघर्षमय दिन By: Rakesh Singh ‘Sonu’ पटना के मगध महिला से कॉलेज की पढ़ाई पूरी की… पढाई में मन नहीं लगता था.. क्या करना है ये ग्रेजुएशन तक मुझे नह...
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मर्दानगी (लेखक : राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा मोहल्ले में गोलियां चलीं, रातभर दुबके रहें सभी. बचाओ-बचाओ की आवाजें आईं, लोग सुनकर भी अनसुना कर गए. सुबह होते ही सभी पहुंचे उस लुट चुके को सांत्वना देने. ...
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मौका (लेखक : राकेश सिंह ‘सोनू’)

लघु कथा     बहुत दिनों बाद एक पुराने मित्र को याद आई मेरी तो वह मिलने चला आया. मैं और वो छत पर टहलने लगें. वह बातें मुझसे कर रहा था मगर नज़र थी पास वाले छत पर जह...
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तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग

तब 100-150 रूपए की साइकिल भी मैंने ऑफिस से एडवांस लेकर खरीदी थी : स्व.रामाशीष सिंह, भूतपूर्व अवर सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग
भोजपुर जिले के आरा शहर से ग्रेजुएशन करने के दरम्यान हमारे साथ के कुछ एक लड़के अपने अभिभावकों से कभी कभार कुछ पैसे माँगा लिया करते थे, लेकिन तब हमारे समय में पॉकेटमनी का फै...
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