बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक : जान्हवी सिन्हा की फैमली, न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी, पटना

बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक : जान्हवी सिन्हा की फैमली, न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी, पटना
       स्पेशल गेस्ट के साथ बोलो ज़िन्दगी की टीम

27 जुलाई , शनिवार की शाम ‘बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक’ के तहत बोलो ज़िन्दगी की टीम (राकेश सिंह ‘सोनू’, प्रीतम कुमार तबस्सुम अली) पहुंची पटना के न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी में गिटार आर्टिस्ट एवं सिंगर जान्हवी सिन्हा के घर. फैमली ऑफ़ द वीक में हमारे स्पेशल गेस्ट के रूप में टीवी के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर श्री यशेंद्र प्रसाद भी शामिल हुएं. इस कार्यक्रम को स्पॉन्सर्ड किया है बोलो जिंदगी फाउंडेशन ने जिसकी तरफ से हमारे स्पेशल गेस्ट के हाथों जान्हवी की फैमली को एक आकर्षक गिफ्ट भेंट किया गया.

 

 

 

 

                            जान्हवी की फैमिली

फैमली परिचय– जान्हवी नॉट्रेडेम स्कूल में क्लास 11 वीं की स्टूडेंट हैं. फ़िलहाल जान्हवी पढाई को लेकर म्यूजिक की प्रैक्टिस कम कर पा रही हैं और आगे वो क्लैट की तैयारी भी करना चाहती हैं. बड़े भाई अभी सिन्हा एमआरएम में बीटेक सेकेण्ड ईयर के स्टूडेंट हैं दिल्ली में. वो पहले कैसियो सीखते थें. जान्हवी ज्वाइंट फैमली में रहती हैं, उनके चाचा के बेटे वेदांत सिन्हा दिल्ली में हैं जो डांस बहुत अच्छा करते हैं. जान्हवी के पापा का नाम अतुल सिन्हा है, वो एलआईसी में काम करते हैं. दादा जी विपिन बिहारी सिन्हा, वो भी एलआईसी में ही काम करते थें. दादी का नाम है श्रीमती सुशीला सिन्हा. जान्हवी के दो चाचा हैं जिनकी पूरी फैमली है और सब साथ में रहते हैं.

 

 

‘बोलो ज़िन्दगी’ के साथ अपने संस्मरण साझा करतीं जान्हवी सिन्हा

जान्हवी की ट्रेनिंग – जान्हवी ने 2 साल पटना के तानसेन संगीत महाविधालय में प्रकाश शरण के सानिध्य में गिटार का प्रशिक्षण लिया है. गिटार व सिंगिंग के प्रति अचानक से रुझान पैदा हुआ बॉलीवुड फिल्म ‘रॉकस्टार’ देखकर तब जान्हवी 7-8 वीं में थीं. उसके पहले खुद को बाथरूम सिंगर ही मानती थीं. बचपन में दोनों भाई-बहन एक संगीत इंस्टीच्यूट में साथ ही जाते थें, जान्हवी डांस तो अभी कैसियो सीखते थें. अब जान्हवी का डांस में इंट्रेस्ट नहीं है, सारा फोकस वोकल एवं गिटार में है. इनकी मम्मी जया सिन्हा भी बचपन में गुरु नागेंद्र मोहिनी जी से नृत्य सीखती थीं. तब शास्त्रीय नृत्य 4 ईयर तक सीखकर उन्होंने छोड़ दिया था. लेकिन जया जी चाहती थीं कि उनकी बेटी भी डांस सीखे. इसलिए जान्हवी को दो महीने डांस क्लास भी करवायीं लेकिन उसका इंट्रेस्ट इसमें ज्यादा नहीं था तो जया जी ने भी इसके लिए कोई प्रेशर नहीं दिया. जब संगीत के प्रति उसका रुझान देखा तो उन्होंने उसे संगीत के क्षेत्र में ही आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया. जान्हवी प्रयाग समिति से संगीत का इक्जाम देती हैं, लन्दन कॉलेज से म्यूजिक का इक्जाम देती हैं. वेस्टर्न और क्लासिकल यानि गिटार और वोकल दोनों का इक्जाम देती हैं .

 

उपलब्धि – रोहा एकेडमी वाले एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाये थें तो उसमे एक सॉन्ग के लिए जान्हवी का सलेक्शन हुआ था लेकिन वो तब फिल्म में नहीं जाना चाहती थी.  इंडियाज गॉट टैलेंट, राइसिंग स्टार, लिटिल चैम्प्स जैसे बहुत से रियलटी शो में ऑडिशन देकर सलेक्ट हुई हैं. राइसिंग स्टार में सलेक्ट होकर लखनऊ तक गयी थें लेकिन फिर मुंबई जानेवाले राउंड में नर्वस होकर अपना गाना गड़बड़ कर बैठीं. तीन चार बार जान्हवी ऐसे ही नर्वस होकर गड़बड़ कर चुकी हैं. इंडियाज गॉट टैलेंट में तो वे बहुत छोटी थीं, उसमे वे डांस के लिए गयी थीं, उसमे भी शुरूआती दौर में सलेक्शन हो गया था. स्कूल में जब भी कोई स्पेशल प्रोग्राम होता तो उसके लिए जान्हवी को सामने से बुलाया जाता था कि आकर गाओ-बजाओ.

 

जान्हवी की प्रैक्टिस – अभी पढाई की वजह से प्रैक्टिस के लिए टाइम नहीं मिल पा रहा है, कभी छुट्टी वाले दिन सुबह या रात में चार-पांच घंटे लगातार बैठकर थोड़ा बहुत प्रैक्टिस कर लेती हैं. वैसे तो गिटार बजाना ज्यादा पसंद है लेकिन उसके साथ-साथ गाने का एक अपना ही मजा है. जान्हवी को पुराने सदा बहार रोमांटिक गाने बहुत अच्छे लगते हैं क्यूंकि उसका म्यूजिक भी बड़ा सॉफ्ट होता है.

जान्हवी का सपोर्ट – मम्मी-पापा का सपोर्ट तो जान्हवी को बचपन से ही मिलता रहा है, अब पूरी फैमली का भी सपोर्ट मिलने लगा है. एक बार जान्हवी ने यूँ ही गिटार पर हनुमान चालीसा बजाना शुरू किया, फिर उसको रिकॉर्ड करके दादा-दादी को इसकी जानकारी दी तो वे लोग ईयर फोन लगाकर काफी देर तक वह धुन सुने थें और बहुत खुश हुए थें. जान्हवी जब भी कोई एक्सपेरिमेंट करती है सबसे पहले दादा-दादी को जाकर दिखाती है. फिर उनकी ख़ुशी जान्हवी को और भी प्रोत्साहित करती है.

जान्हवी ने बताया कि जिन गुरु जी से वो गिटार सीखती थी अभी भी उनका काफी सपोर्ट मिलता है. जब लखनऊ ऑडिशन में जाना था तो उसके पहले प्रकाश सर घर में अपना हारमोनियम लेकर आये और बोले कि “इसको ऑडिशन में जाना है तो इसपर प्रैक्टिस करेगी.” जान्हवी गिटार, हारमोनियम और कैसिओ बजा लेती है.

परफॉर्मेंस – फिर बोलो ज़िन्दगी की फरमाइश पर जान्हवी ने गिटार पर अपने मूड का धुन बजाकर सुनाया और गिटार की धुन के साथ ही अपना पसंदीदा गीत गाकर सुनाया जिसकी सभी ने दिल खोलकर तारीफ की. उसके प्रदर्शन को देखते हुए स्पेशल गेस्ट श्री यशेंद्र प्रसाद ने उसको कुछ ज़रूरी टिप्स दिए कि वो कैसे और बेहतर कर सकती है, किस तरह से अपने टैलेंट को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया कि नज़र में ला सकती है.

अब विदा लेने से पहले बोलो ज़िन्दगी टीम ने जान्हवी की फैमली को एक जगह इकट्ठा किया और एक यादगार फैमली पिक्चर प्रीतम कुमार ने कमरे में कैद कर लिया.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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