बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक : सोशल वर्कर पूजा ऋतुराज की फैमली, पूर्वी लोहानीपुर, पटना 

बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक : सोशल वर्कर पूजा ऋतुराज की फैमली, पूर्वी लोहानीपुर, पटना 
स्पेशल गेस्ट के साथ बोलो ज़िन्दगी की टीम पहुँची पूजा ऋतुराज के घर

20 दिसंबर, शुक्रवार की शाम ‘बोलो ज़िन्दगी फैमली ऑफ़ द वीक’ के तहत बोलो ज़िन्दगी की टीम (राकेश सिंह ‘सोनू’, प्रीतम कुमार एवं तबस्सुम अली) पहुंची पटना के पूर्वी लोहानीपुर इलाके में सोशल एक्टिविस्ट पूजा ऋतुराज जी के घर. फैमली ऑफ़ द वीक में हमारे स्पेशल गेस्ट के रूप में जदयू कला संस्कृति प्रकोष्ठ बिहार के उपाध्यक्ष अमर सिन्हा भी शामिल हुयें. इस कार्यक्रम को सपोर्ट किया है बोलो जिंदगी फाउंडेशन ने जिसकी तरफ से हमारे स्पेशल गेस्ट के हाथों पूजा ऋतुराज जी की फैमली को एक आकर्षक गिफ्ट भेंट किया गया.

 

 

     पूजा ऋतुराज की फैमिली एवं बोलो ज़िन्दगी की टीम

फैमली परिचय- पूजा ऋतुराज जी नवसृजन एवं सर्वांगीण विकास संस्था की सेक्रेटरी हैं. पूजा जी का ससुराल मोकामा है. मायका मसौढ़ी के पास सिमरी गांव में है लेकिन ये बचपन से ही पटना में रहीं. समाजसेवा के साथ साथ पत्रकारिता में भी रूचि है. भारतीय क्षेत्रीय पत्रकार संघ की सेक्रेटरी भी हैं. साहित्य से भी लगाव है. कविता, लघुकथा लिखती हैं और कई मंचों से कविता पाठ भी कर चुकी हैं.

इनके पति श्री संतोष कुमार सचिवालय में कार्यरत हैं. पति को काम के अलावा अन्य चीजों में रूचि नहीं थी लेकिन शादी बाद वे पत्नी के शौक के अनुसार ढ़लने लगें. जब घर में भी मदद के लिए घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं सुबह-सुबह पहुँचने लगीं तो ऋतुराज जी से ज्यादा कदर वो करते कि उनको नाश्ता दो, चाय दो, उसे जहाँ तक मदद हो सके उसके लिए परेशान हो जाते कि कैसे दूर होगा उनका कष्ट. बड़ी बेटी सौम्या शंकर संत जोशफ कॉन्वेंट हाई स्कूल 12 वीं की स्टूडेंट हैं. छोटी बेटी महिमा शंकर संत जोशफ कॉन्वेंट हाई स्कूल, क्लास 10 वीं की स्टूडेंट हैं. दोनों ही बेटियां आर्टिस्ट एवं सोशल वर्कर हैं.

 

ऋतुराज जी का सोशल वर्क –  ऋतुराज नवसृजन एवं सर्वांगीण विकास संस्था के लिए घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए काम करती हैं. पटना के लोहानीपुर इलाके के आस-पास के झुग्गी-झोपड़ियों में रहनेवाली महिलाएं अपने ही पतियों की हिंसा की शिकार होती हैं. पत्नी एवं बच्चों की अक्सर छोटी-छोटी बातों पर उनके पति पिटाई करते हैं और कई बार मामला काफी सीरियस हो जाता है. इन स्लम इलाकों की कुछ वैसी बच्चियां भी आती हैं जिनके साथ उनके पिता ही गलत आचरण करते हैं. इन सारे केसों को ऋतुराज सोशल वर्क के तहत देखती हैं.

समाजसेवा से कैसे हुआ जुड़ाव ? – जब ऋतुराज 13 साल की थीं तभी से समाज सेवा की तरफ माँ-पिताजी की वजह से आ गयीं. तब इनके घर के आँगन में निम्नवर्गीय घरों के तीन-चार सौ बच्चे इकठ्ठा होते थें और ये पापा के कहने पर स्कूल से आने के बाद उनको मुफ्त में पढ़ाती थी. इस तरह बचपन से ही सोशल वर्क से जुड़ गयीं. और जब शादी हुई तो ये हसबैंड के काम की वजह से पटना में ही रहीं. नौकरी के लिए बहुत प्रयास कीं पर वो किस्मत में नहीं थी. समाजसेवा इनका लक्ष्य था इसलिए वे इसी ओर चल पड़ीं.

पूजा ऋतुराज की बेटियों का सराहनीय कार्य – बड़ी बेटी सौम्या शंकर की माँ ऋतुराज इनकी रोल मॉडल बनीं इसी वजह से ये खुद भी सोशल वर्क में आ गयीं. सौम्या बताती हैं, “अपने इलाके के अभावग्रस्त व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को डांस, पेंटिंग जो भी मुझे आता है उनको सिखाती हूँ अपने फ्री टाइम में.” सौम्या ने इसी साल किड्स लिटिल मिस इंडिया में पार्टिशिपेट किया था, बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए टॉप 10 फाइनलिस्ट भी बनीं जहाँ पूरे 29 स्टेट के बच्चों ने हिस्सा लिया था. चेस और बॉल बैडमिंटन में भी रूचि है.

छोटी बेटी महिमा शंकर की हॉबी डांसिंग, सिंगिंग, पेंटिंग, चेस, टेराकोटा,बॉल बैडमिंटन एन्ड क्रिकेट में है और वे ये खेलती भी हैं. स्टेट लेवल चेस चैम्पियनशिप में बिहार को रिप्रजेंट कर चुकी हैं. डांस में नेशनल तक गयी हैं. और ऋतुराज की इन बेटियों की सबसे खास बात कि ज़रूरतमंद बच्चों को ये दोनों बहने फ्री में पढ़ाती भी हैं.

स्पेशल गेस्ट की टिप्पणी – बोलो ज़िन्दगी टीम के साथ पहुँचे बतौर स्पेशल गेस्ट जदयू कला संस्कृति प्रकोष्ठ बिहार के उपाध्यक्ष अमर सिन्हा ने कहा, “मुझे ऐसे परिवार में आने का मौका मिला जिसके सभी सदस्यों में कला-संस्कृति के साथ साथ सामाजिक सरोकार रग-रग में बसा है. यहाँ आकर अच्छा लगा कि पूजा ऋतुराज जी खुद समाजसेवा से तो जुड़ी हीं, अपनी बच्चियों को भी इससे जोड़ा जो बहुत ही सराहनीय काम है.” कई रियलिटी शो बना चुके अमर सिन्हा अभी डांस बिहार का सरताज रियलिटी शो लेकर आ रहे हैं जिसका नेक्स्ट ऑडिशन नए साल के जनवरी में है, तो उन्होंने ऋतू जी की बेटियों और उनकी संस्था द्वारा ट्रेंड की गयीं बच्चियों को ऑडिशन में आने का निमंत्रण भी दिया.

 

पूजा ऋतुराज की संस्था में म्यूजिक-डांस सीखनेवाली लोहानीपुर स्लम एरिया की बच्चियां

 

स्पेशल मोमेंट – जब फैमिली ऑफ़ द वीक के तहत बोलो ज़िन्दगी की टीम पूजा ऋतुराज जी के घर पहुँची तो लोहानीपुर झुग्गी-झोपड़ियों की वैसे बहुत सी कलाकार बच्चियों से मिलवाया गया जिन्हे उनकी बेटियां नृत्य-संगीत में पारंगत कराती हैं. हालांकि ये बच्चियां किसी काम से वहां आयी थीं, लेकिन ऋतू जी के आग्रह पर बोलो ज़िन्दगी ने स्पेशल गेस्ट के साथ उन बच्चियों का सुपर डांस परफॉर्मेंस देखा जिसकी सराहना सभी ने दिल खोलकर की. इसके साथ-ही-साथ पूजा ऋतुराज जी की बेटियाँ सौम्या शंकर एवं महिमा शंकर ने अपने नृत्य से सभी को जैसे सम्मोहित सा कर दिया.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

About The Author

Rakesh Singh Sonu

'Bolo Zindagi' s Founder & Editor Rakesh Singh 'Sonu' is Reporter, Researcher, Poet, Lyricist & Story writer. He is author of three books namely Sixer Lalu Yadav Ke (Comedy Collection), Tumhen Soche Bina Nind Aaye Toh Kaise? (Song, Poem, Shayari Collection) & Ek Juda Sa Ladka (Novel). He worked with Dainik Hindustan, Dainik Jagran, Rashtriya Sahara (Patna), Delhi Press Bhawan Magazines, Bhojpuri City as a freelance reporter & writer. He worked as a Assistant Producer at E24 (Mumbai-Delhi).

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